दूसरे सत्र के खेल के दौरान श्रीलंका ने 188 रन के कुल योग पर अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे लेकिन दिलशान के शतक की बदौलत उसने तीसरे सत्र में खबर लिखे जाने तक 250 रन बना लिए थे। उसे कोई और क्षति नहीं पहुंची है। एंजेलो मैथ्यूज 38 रन बनाकर खेल रहे थे।
अहमदाबाद में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 112 रन बनाने वाले दिलशान ने पिछली दो पारियों की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए 139 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। कानपुर टेस्ट की पहली पारी में दिलशान खाता भी नहीं खोल सके थे जबकि दूसरी पारी में उनके बल्ले से मात्र 11 रन निकले थे।
बहरहाल, श्रीलंकाई टीम को चौथा झटका थिलन समरवीरा (1 रन) के रूप में लगा। समरवीरा को ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने मुरली विजय के हाथों कैच कराया। यह विकेट 188 रन के कुल योग पर गिरा।
इससे ठीक पहले, मेहमान टीम ने 187 रनों के कुल योग पर अपने सबसे अनुभवी बल्लेबाज माहेला जयवर्धने का विकेट गंवाया था। जयवर्धने को शांताकुमारन श्रीसंत ने वीरेंद्र सहवाग के हाथों कैच कराया। जयवर्धने ने चार चौकों की मदद से 29 रन बनाए।
भोजनकाल तक एक विकेट के नुकसान पर 117 रन बनाने वाली श्रीलंकाई टीम ने दूसरे सत्र की शुरुआत के फौरन बाद ही कप्तान कुमार संगकारा के रूप में अपना दूसरा विकेट गंवा दिया था। संगकारा को प्रज्ञान ओझा ने पेवेलियन की राह दिखाई। संगकारा ने 35 गेंदों का सामना करते हुए दो चौकों की मदद से 18 रन बनाए।
श्रीलंकाई टीम ने पहले सत्र की समाप्ति से ठीक पहले सलामी बल्लेबाज थरंगा परानाविताना के रूप में अपना पहला विकेट गंवाया था। परानाविताना 93 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे। उन्होंने ने अपनी नाकामी को पीछे छोड़ते हुए 81 गेदों पर सात चौकों की मदद से 53 रन बनाए।
ब्रेबॉर्न स्टेडियम में 36 साल के अंतराल के बाद खेले जा रहे इस मैच में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया।
श्रृंखला के इस अंतिम मैच में भारतीय टीम में गौतम गंभीर की जगह मुरली विजय को मौका दिया गया। श्रीलंकाई टीम में नुवान कुलसेकरा को शामिल किया गया। कुलसेकरा के लिए असंथा मेंडिस ने स्थान खाली किया।
कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में 1-0 से आगे है। अहमदाबाद में खेला गया पहला टेस्ट मैच बराबरी पर छूटा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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