तीसरे दिन हर क्रिकेट प्रेमी की नजर सहवाग पर ही थी। वह दूसरे दिन 284 रनों के स्कोर पर नाबाद लौटे थे। परंतु सहवाग इतिहास की दहलीज पर पहुंच कर चूक गए। वह 293 रनों के स्कोर पर मुथैया मुरलीधरन की गेंद पर चकमा खा गए और अपना विकेट गवां बैठे। खबर लिखे जाने तक राहुल द्रविड़ 68 और सचिन तेंदुलकर एक रन बनाकर नाबाद थे।
इससे पहले खेल का दूसरा दिन पूरी तरह से भारतीय टीम के नाम रहा था। भारत की ओर से मुरली विजय ने भी 87 रनों की पारी खेली। दूसरे दिन ही श्रीलंका की पहली पारी 393 रनों पर सिमट गई। एंजेलो मैथ्यूज शतक से चूक गए और 99 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए।
पहले दिन तिलकरत्ने दिलशान ने शतक लगाकर अपनी टीम को सम्मानजक स्थिति में पहुंचा दिया था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली श्रीलंकाई टीम के सलामी बल्लेबाजों दिलशान और परानाविताना ने संभलकर शुरुआत की थी। पहले विकेट के लिए दोनों ने 93 रनों की बेहतरीन साझेदारी की थी।
दिलशान ने 109 रन बनाए थे। उनके करियर का यह 11वां शतक है। परानाविताना ने भी 53 रनों का योगदान दिया था। भारत की ओर से हरभजन सिंह ने चार और प्रज्ञान ओझा ने तीन विकेट झटके। जहीर खान और एस. श्रीसंत को भी एक-एक विकेट मिला।
गौरतलब है कि कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल कर भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में 1-0 से आगे है। अहमदाबाद में खेला गया पहला मैच ड्रा रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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