टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (167), वीरेंद्र सहवाग (131), राहुल द्रविड़ (144) के शानदार शतकों की मदद से अपनी पहली पारी में 642 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। भारत की ओर से वी.वी.एस. लक्ष्मण ने 63 और युवराज सिंह ने 67 रनों का योगदान दिया था।
जवाब में खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में सिर्फ 229 रन बना सकी थी। भारत की ओर से तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत ने पांच विकेट झटके थे। लगभग 18 महीने के बाद अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे श्रीसंत ने एक बार फिर साबित किया कि वह हमेशा से टेस्ट मैचो में भारत के लिए उपयोगी गेंदबाज रहे हैं। श्रीसंत को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।
सस्ते में सिमटने के कारण श्रीलंकाई टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ा था। उसके सामने पारी की हार बचाने के लिए 356 रनों के विशाल योग को लांघने की चुनौती थी लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच के चौथे दिन शुक्रवार को मेहमान टीम को 269 रनों के कुल योग पर आउट कर दिया।
श्रीलंकाई टीम ने मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक चार विकेट गंवाकर 57 रन बनाए थे। तीसरे दिन ही तय हो गया था कि भारत की पारी की जीत पक्की है लेकिन थिलन समरवीरा (नाबाद 78) के नेतृत्व में प्रसन्ना जयवर्धने (29), मुथैया मुरलीधरन (29) और असंथा मेंडिस (27) ने उपयोगी साझेदारियां निभाकर भारत को दूसरे सत्र के अंत तक इंतजार कराया।
अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे लेग स्पिनर प्रज्ञान ओझा की गेंद पर चनाका वेलेगेदारा (4) का विकेट गिरते ही भारत ने शानदार जीत हासिल की। इस तरह भारतीय टीम ने यह मैच एक पारी और 144 रन के अंतर से अपने नाम किया। ओझा ने मैच में चार विकेट अपने नाम किए।
भारतीय टीम की ओर से दूसरी पारी में हरभजन सिंह ने तीन, ओझा ने दो तथा जहीर खान, श्रीसंत, सहवाग और युवराज ने एक-एक सफलता हासिल की। तीन मैचों की श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 की बढ़त हासिल कर चुकी है। अहमदाबाद में खेला गया पहला टेस्ट मैच बेनतीजा रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*