टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेहमान टीम ने सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श (112) के करियर के पहले शतक और अनुभवी शेन वॉटसन (93) के बीच पहले विकेट के लिए हुए 145 रनों की बहुमूल्य साझेदारी की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 350 रन बनाए।
इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 49.4 ओवर में 347 रन बनाकर आउट हो गई। भारत की इस पारी में हालांकि सचिन तेंदुलकर का योगदान (141 गेंदों में 19 चौके और चार छक्के की मदद से 175 रन) महत्वपूर्ण रहा लेकिन भारतीय टीम इसे जीत में नहीं बदल सकी।
भारतीय टीम ने अपना पहला विकेट वीरेंद्र सहवाग के रूप में गंवाया। इस श्रंखला में अब तक एक भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे सहवाग 30 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाने के बाद बेन हिफेनहास की एक बाहर जाती गेंद को गलत तरीके से खेलने के प्रयास में डीप फाइन लेग पर डगलस बोलिंगर के हाथों लपके गए। भारत का यह विकेट 66 रन के कुल योग पर गिरा था।
दूसरा विकेट 92 रनों के कुल योग पर चोट के कारण एक मैच के अंतराल के बाद वापसी करने वाले गौतम गंभीर के रूप में गिरा। गंभीर आठ रन बनाकर आउट हुए। गंभीर को अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल रहे क्लिंटन मैके ने बेन हिफेनहास के हाथों कैच कराया।
युवराज सिंह तीसरे विकेट के रूप में नौ रन बनाकर पेवेलियन लौटे। युवराज का विकेट 126 रनों के कुल योग पर गिरा। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धौनी 15 गेंदों में छह रन बनाकर आउट हो गए। इसी के साथ भारतीय पारी संकट में पड़ती दिखाई दी, हालांकि तेंदुलकर एक छोर पर टिके रहे जिससे उम्मीद भी बनी रही।
सुरेश रैना ने तेंदुलकर का अच्छा साथ दिया और उन्होंने 59 गेंदों में तीन चौके और तीन छक्के की मदद से 59 रन बनाकर पेवेलियन लौटे। इसके बाद खेलने आए हरभजन सिंह बिना खाता खोले पेवेलियन लौट गए।
सचिन तेंदुलकर ने 141 गेंदों में 19 चौके और चार छक्के की मदद से 175 रन बनाए। वह मैके की गेंद पर हारित्ज के हाथों कैच आउट हुए।
अपनी पारी के दौरान सात रन बनाने के साथ तेंदुलकर ने एकदिवसीय मैचों में 17,000 रनों का जादुई आंकड़ा पार किया। यह मुकाम हासिल करने वाले वह विश्व के एकमात्र बल्लेबाज हैं।
इसके बाद सारी उम्मीद रवींद्र जडेजा पर टिकी थी लेकिन वह 17 गेंदों में 23 रन बनाकर रन आउट हो गए। इसके बाद आशीष नेहरा केवल एक रन बनाकर चलते बने। प्रवीण कुमार 9 बनाकर आखिरी ओवर में रन आउट हो गए। मुनाफ पटेल दो रन बनाकर नाबाद रहे।
आस्ट्रेलिया की ओर से मैके और वाटसन ने तीन-तीन विकेट झटके जबकि हिल्फेनहास और बोलिंगर को एक-एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेहमान टीम ने सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श (112) के करियर के पहले शतक और अनुभवी शेन वॉटसन (93) के बीच पहले विकेट के लिए हुए 145 रनों की बहुमूल्य साझेदारी की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 350 रन बनाए।
अपने करियर का पहला शतक लगाने वाले मार्श ने 112 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए जबकि इस श्रृंखला में पहली बार उपयोगी पारी खेल रहे वॉटसन ने 89 गेंदों की अपनी तेज पारी के दौरान नौ चौके और तीन गगनचुंबी छक्के जड़े।
मेहमान टीम की ओर से कप्तान रिकी पोंटिंग ने 45 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 45 रनों का योगदान दिया। पोंटिंग ने मार्श के साथ दूसरे विकेट के लिए 96 रन जोड़े। मध्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे कैमरून व्हाइट ने 32 गेंदों पर दो चौकों और पांच छक्कों की मदद से 57 रनों की तूफानी पारी खेली।
व्हाइट पारी की अंतिम गेंद पर प्रवीण कुमार की गेंद पर सचिन तेंदुलकर के हाथों कैच आउट हुए। इसके अलावा माइकल हसी 22 गेंदों पर एक चौके और दो छक्कों की मदद से 31 रन बनाकर नाबाद लौटे। हसी और व्हाइट ने चौथे विकेट के लिए 43 गेंदों पर 80 रन जोड़े।
भारत की ओर प्रवीण ने दो विकेट लिए जबकि आशीष नेहरा और हरभजन सिंह के खाते में एक-एक विकेट आए। नेहरा हालांकि काफी महंगे साबित हुए। ईशांत शर्मा के स्थान पर टीम में शामिल किए गए मुनाफ पटेल और रवींद्र जडेजा ने गेंद के साथ निराश किया।
सात मैचों की श्रृंखला में अब आस्ट्रेलिया 3-2 से आगे हो गई है। चौथे मुकाबले में भारत को 24 रनों से हराकर आस्ट्रेलिया ने श्रृंखला में 2-2 की बराबरी कर ली थी। भारतीय टीम ने दिल्ली में खेले गए तीसरे मुकाबले में उसे छह विकेट से हराकर 2-1 की बढ़त बनाई थी। पहला मैच वडोदरा में खेला गया था। आस्ट्रेलिया ने यह मैच चार रनों से जीता था जबकि नागपुर में खेले गए दूसरे मुकाबले में मेजबान टीम ने 99 रनों से जीत हासिल की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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