राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन दिल्ली में छह स्थलों पर किया जाएगा, जिनमें से पांच स्थल शहर में हैं। इनमें किसी भी स्थल पर निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। तीन अक्टूबर से शुरू होकर 14 अक्टूबर तक चलने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में 17 प्रतिस्पर्धाएं आयोजित होंगी।
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में निर्माण का कार्य अपने निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। यहां पर उद्घाटन और समापन समारोह आयोजित किए जाएंगे।
खेल मंत्री एम. एस. गिल ने सोमवार को कहा था कि यह जून में ही तैयार हो पाएगा, लेकिन दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने पिछले दिनों स्वीकार किया था कि उनकी घबराहट की मुख्य वजह धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान 100,000 लाख से अधिक लोगों के राजधानी पहुंचने की उम्मीद है। लेकिन उनके लिए पर्याप्त कमरों की व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है। खेलों के दौरान 40,000 कमरों की आवश्यकता है लेकिन अभी तक केवल 10,000 कमरे ही तैयार हो पाए हैं।
पर्यटन मंत्रालय नई दिल्ली और उसके आसपास के उपनगरीय इलाकों में स्थित होटलों और अतिथि गृहों को जोड़ने की कोशिश कर रहा है। इसकी सही तस्वीर वर्ष के मध्य में ही सामने आ पाएगी।
लोक निर्माण विभाग के सचिव के. के. शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर हम 24 फ्लाईओवरों का निर्माण करवा रहे हैं। उनमें से 12 फ्लाईओवरों को वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है जबकि शेष 12 फ्लाईओवर समय पर तैयार हो जाएंगे।"
दिल्ली में लगभग 3,500 लो-फ्लोर बसें ब्लू लाइन बसों की जगह पर लाई जाएंगी लेकिन वर्तमान में लो-फ्लोर बसों में आग की घटनाओं के सामने आने से उनकी सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गए हैं। शहर में फिलहाल लगभग 950 लो-फ्लोर बसें चल रही हैं।
उल्लेखनीय है कि सबसे बड़ा सवाल यह पैदा हो गया है कि निर्माण कार्यो में हो रही देरी के बावजूद राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन तक तैयारी कैसे पूरी की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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