लगभग दो दशकों से भारतीय क्रिकेट के खेवनहार रहे तेंदुलकर को इस जादुई आंकड़े को छूने के लिए सात रनों की दरकार है। पहले लगा था कि मोहाली का पंजाब क्रिकेट संघ स्टेडियम तेंदुलकर के इस रिकार्ड का गवाह बनेगा क्योंकि उन्हें इसके लिए 47 रन बनाने की जरूरत थी। 40 रन के व्यक्तिगत योग के मुकाम पर वह नेथन हारित्ज की गेंद पर पगबाधा आउट करार दे दिए गए थे। टीवी रिप्ले को देखने से लगा कि तेंदुलकर के खिलाफ अंपायर अशोक डीसिल्वा का वह फैसला विवादास्पद था क्योंकि लेग स्टंप से बाहर जा रही गेंद उनके पैड से टकराई थी। अब राजीव गांधी स्टेडियम तेंदुलकर के इस रिकार्ड का गवाह बनता दिख रहा है।
अपने करियर का 434वां मैच खेल रहे तेंदुलकर ने 16,993 हजार रनों तक के अपने शानदार सफर के दौरान कुल 44 शतक और 91 अर्धशतक लगाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 1851 चौके और 177 छक्के निकले हैं। एकदिवसीय मैचों में उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत योग 186 नाबाद रहा है।
तेंदुलकर ने 18 दिसंबर, 1989 को गुजंरावाला में पाकिस्तान के खिलाफ अपने एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उस समय उनकी उम्र 16 वर्ष के करीब थी। तेंदुलकर ने टेस्ट मैचों में सर्वाधिक 12773 रन बनाए हैं। उनके नाम सर्वाधिक 42 शतक दर्ज हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।