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बांद्रा अदालत में कल दायर अपनी 30 पन्नों की याचिका में, पेस ने आरोप लगाया कि रिया के तुनकमिजाज, अविवेकपूर्ण और गैरजिम्मेदाराना व्यवहार, व्यक्तिगत स्तर पर मातृत्व देखभाल का अभाव तथा आत्म केन्द्रित होने के कारण बच्ची में असुरक्षा पैदा हो गई है। यह उसके स्वस्थ लालन-पालन के लिए नुकसानदेह है।
कानून के मुताबिक, बिना विवाह के साथ रहने वाले दंपति के रिश्ते से जन्मे बच्चे का संरक्षण आमतौर पर मां को दिया जाता है जब तक कि पिता यह साबित नहीं कर दे कि बच्चे का पालन पोषण मां की देखरेख में प्रभावित होगा। पेस ने याचिका में दावा किया कि वह बच्ची के लिए रिया से बेहतर संरक्षक होंगे।
इस बीच, पेस ने शहर की पुलिस से गुहार लगाकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी खतरे में है और उसे रिया द्वारा जबरन देश से बाहर ले जाया जा सकता है।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि पेस ने मुंबई पुलिस आयुक्त राकेश मारिया को शिकायत दी जिसे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मिलिंद भारम्बे के पास भेजा गया। पेस ने परिवार अदालत से रिया को बच्ची को देश के बाहर ले जाने से रोकने का भी अनुरोध किया है। हालांकि रिया के पक्ष से अभी कोई भी संतोषजनक कदम उठाने का आश्वासन नहीं दिया गया है।