मोहाली में 17 अक्टूबर, 2008 को आस्ट्रेलिया के साथ खेले गए टेस्ट मैच और उसके बाद के आंकड़ों पर नजर डालें तो गंभीर के बल्ले से पिछले 13 महीनों में 104, 206, 179, 137, 167, 114 और 167 रनों की पारियां निकली हैं।
इनमें से दो शतक विदेशी धरती (137 नेपियर और 167 वेलिंग्टन, न्यूजीलैंड के खिलाफ) पर और बाकी के पांच अपनी धरती पर लगे हैं। गंभीर ने इस दौरान आस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ दो-दो और इंग्लैंड के खिलाफ एक शतक लगाया है।
नौ टेस्ट मैचों के दौरान गंभीर ने चार अर्धशतक भी लगाए हैं। इस दौरान उन्होंने 67, 66, 97 और 72 की पारियां भी खेली हैं। यही नहीं, गंभीर ने पिछले चार मैचों में लगातार चार शतक लगाने का कारनामा भी किया है।
इससे पहले भारत के लिए यह कारनामा द्रविड़ और सुनील गावस्कर ने किया है। गावस्कर ने 1977 में इंग्लैंड के खिलाफ 108 रन और आस्ट्रेलिया के खिलाफ 113, 127 और 118 रनों की पारियां खेली थीं। द्रविड़ ने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ लगातार चार मैचों में 115, 148, 217 और 100 रन बनाए थे।
गंभीर ने 26 मार्च, 2009 से लेकर अब तक चार टेस्ट मैच खेले हैं और उन सभी में उन्होंने शतकीय पारियां खेली हैं। 26 मार्च को नेपियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ गंभीर ने दूसरी पारी में 137 रन बनाए थे। इसके बाद तीन अप्रैल, 2009 को वेलिंग्टन में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही दूसरी पारी में ही 167 रन बनाए थे।
लंबे अंतराल के बाद गंभीर ने 16 नवंबर, 2009 को अहमदाबाद में श्रीलंका के खिलाफ एक बार फिर शतक लगाया। गंभीर ने दूसरी पारी में 114 रन बनाए थे। उनकी इस पारी की मदद से भारत टेस्ट बचाने में सफल रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।