समाचार पत्र 'द आस्ट्रेलियन' के मुताबिक वकार ने कहा कि दर्शक हमेशा दो टीमों के बीच आक्रामक और कांटे की टक्कर देखना पसंद करते हैं लेकिन मैदान में हाथापाई की घटनाओं से क्रिकेट का नाम खराब होता है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपने व्यवहार पर संयम बनाए रखने की जरूरत होगी।
वकार ने कहा, "मैं यह नहीं कहता कि आक्रामकता नहीं होनी चाहिए। यह खेल को रोचक बनाए रखने के लिए जरूरी है लेकिन आक्रामकता कभी भी शालीनता की शर्त पर नहीं होनी चाहिए। क्रिकेट को शालीन लोगों का खेल कहा जाता है और इसकी यह पहचान हमेशा कायम रहनी चाहिए। इसमें पाकिस्तानी खिलाड़ियो को भी अपना योगदान देना होगा।"
उल्लेखनीय है कि वेस्टइंडीज के स्पिन गेंदबाज सुलेमान बेन और आस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हेडिन तथा तेज गेंदबाज मिशेल जानसन पर्थ टेस्ट के दौरान किसी बात पर एक दूसरे से भिड़ गए थे। इसे लेकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बेन पर दो मैचों का प्रतिबंध लगा दिया और हेडिन तथा जानसन पर मैच फीस का 25-25 फीसदी जुर्माना लगाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।