अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। टूर्नामेंट निदेशक, केंद्रीय आयोजन समिति और आईसीसी के सदस्यों से बने निरीक्षण दल ने भारत में क्रिकेट का 'मक्का' कहे जाने वाले ईडन गार्डन्स स्टेडियम का मुआयना करने के बाद पाया कि निर्माण कार्य समय रहते पूरा नहीं हो पाने के कारण स्टेडियम फिलहाल मैच की मेजबानी की स्थिति में नहीं है।
इस दल ने श्रीलंका के कोलम्बो, हम्बानटोटा और पालेकेले स्थित तीन मैदानों को आयोजन के अनुरूप करार दिया है। दल ने कहा है कि फाइनल मुकाबले का मेजबान वानखेड़े स्टेडियम और श्रीलंका के तीन स्टेडियम 14 दिनों के भीतर पूरी तरह तैयार हो जाएंगे लेकिन ईडन गार्डन्स की तैयारी समय पर पूरी नहीं हो सकती।
आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारून लोगार्ट ने बयान जारी कर कहा, "अफसोस की बात यह है कि ईडन गार्डन्स ने मेजबानी की दिशा में अपर्याप्त तैयारी की है। इस मैच के लिए स्टेडियम को तैयार होने में काफी वक्त लगेगा, लिहाजा इसे कहीं और कराने का फैसला किया जा रहा है। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है।"
लोगार्ट ने कहा कि ईडन गार्डन्स की जगह किस स्थान पर 27 फरवरी को भारत और इंग्लैंड के बीच मैच कराया जाएगा, इस बात का फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को करना है। बीसीसीआई को हालांकि इसके लिए आईसीसी की अनुमति लेनी होगी। लोगार्ट के मुताबिक कम समय को देखते हुए मैचों को स्थानांतरित करना आयोजन समिति के लिए एक बड़ी चुनौती है।
टूर्नामेंट निदेशक रत्नाकर शेट्टी ने अपने बयान में कहा, "हम नया आयोजन स्थल खोजने का काम जल्द पूरा कर लेंगे। टूर आपरेटरों और टिकट वितरण की दिशा में हमें समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है लेकिन इसके बावजूद यह मैच नए आयोजन स्थल पर सफलतापूर्वक कराया जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।