मैच चार घंटे और 23 मिनट तक चला. आंद्रे अगासी के बाद क्ले, ग्रास और हार्डकोर्ट तीनों पर सफलता पाने वाले नडाल पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं.
नडाल का ये पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन ख़िताब है जबकि अगर फ़ेडरर जीत जाते तो उनका 14वां ग्रैंड स्लैम ख़िताब हो जाता और वे पीट सैम्प्रास की बराबरी कर लेते.लेकिन नडाल ने उनका ये लक्ष्य पूरा नहीं होने दिया.
मैच में मुकाबला काँटे का था और ये पाँच सेट तक खिंचा. पहले सेट में ही फ़ेडरर कुछ नर्वस नज़र आए और सेट 5-7 से नडाल को थमा बैठे.
लेकिन दूसरे सेट में फ़ेडरर ने अपनी पुरानी फ़ॉर्म दिखाई. नडाल ने टक्कर देने की कोशिश तो की लेकिन आख़िर में चार गेम लगातार जीतकर फ़ेडरर ने दूसरा सेट अपने नाम कर लिया.
नडाल बने चैंपियन
उपविजेता की ट्रॉफ़ी लेते समय भावुक हुए फ़ेडरर
तीसरे सेट की सातवीं और नौवीं गेम के बाद नडाल को ट्रेनर की मदद लेनी पड़ी और दाईं जांघ के लिए कुछ उपचार करवाया. शायद शुक्रवार देर रात हुए उनके सेमीफ़ाइनल मैच का कुछ असर दिख रहा था जहाँ नडाल को पाँच घंटे 14 मिनट तक जूझना पड़ा था.
तीसरे सेट में एक समय नडाल 5-3 से आगे थे पर फ़ेडरर ने उनका मुकाबला किया. सेट के आख़िरी दौर में फ़ेडरर डबल फ़ॉल्ट कर बैठे और सेट नडाल के नाम चला गया.
आम तौर पर शांत रहने वाले फ़ेडरर ने चौथे सेट में ग़ुस्से में बॉल विज्ञापन बोर्ड पर ही चला डाली. चौथे सेट पर मुकाबला 2-2 पर बराबर था लेकिन ये सेट फ़ेडरर 6-3 से जीत ले गए.
अब मैच पाँचवे सेट में आ पहुँचा.आख़िरी सेट के शुरु में ही नडाल को सफलता हाथ लगी और वे 5-2 से आगे हो गए.
फ़ेडरर ने तीन बार चैंपिशनशिप प्वाइंट पर आकर संघर्ष किया लेकिन चौथी बार वे चूक गए. नडाल ने आख़िरी सेट 6-2 से जीत लिया और इस तरह ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन बन गए.
नडाल का ये छठा ग्रैंड स्लैम ख़िताब है. इससे पहले वो चार बार फ़्रेंच ओपन और एक बार विंबलडन जीत चुके हैं.
दोनों के बीच 19 बार भिंडत हुई है जिसमें से 13 बार नडाल ने बाज़ी मारी है. नडाल-फ़ेडरर के बीच ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनलों में सात बार टक्कर हुई है जिसमें से पांच मुकाबले नडाल ने जीते हैं.
पिछले बार विंबलडन में हुए फ़ाइनल में भी नडाल ने फ़ेडरर को हराया था.