भारतीय टीम ने खबर लिखे जाने तक गौतम गंभीर (167) और वीरेंद्र सहवाग (131) की सलामी जोड़ी के विकेट गंवाकर 403 रन बना लिए थे। गंभीर और सहवाग के अलावा राहुल द्रविड़ ने भी शानदार अर्धशतक जड़ा। द्रविड़ 143 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 74 रन बनाकर नाबाद थे जबकि सचिन तेंदुलकर ने 39 गेंदों पर 19 रन बनाए थे।
215 गेंदों पर 15 चौके लगाने वाले गंभीर ने अपने करियर का आठवां शतक जड़ा। यही नहीं, उन्होंने ने टेस्ट मैचों में लगातार चौथा शतक लगाने का शानदार कारनामा किया। गंभीर ने 26 मार्च, 2009 के बाद अब तक चार टेस्ट मैच खेले हैं और उन सभी में उन्होंने शतकीय पारियां खेली हैं।
26 मार्च को नेपियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ गंभीर ने दूसरी पारी में 137 रन बनाए थे। इसके बाद तीन अप्रैल, 2009 को वेलिंग्टन में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही दूसरी पारी में ही 167 रन बनाए थे।
लंबे अंतराल के बाद गंभीर ने 16 नवंबर, 2009 को अहमदाबाद में श्रीलंका के खिलाफ एक बार फिर शतक लगाया। गंभीर ने दूसरी पारी में 114 रन बनाए थे। उनकी इस पारी की मदद से भारत टेस्ट बचाने में सफल रहा था। कानपुर में गंभीर ने 132 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से शतक पूरा किया।
इससे पहले, सहवाग ने भी अपने करियर का 16वां शतक पूरा किया। पारी की शुरुआत से ही बेहद संभलकर खेल रहे सहवाग ने 97 गेंदों पर 13 चौकों और दो छक्कों की मदद से शतक पूरा किया। वह 122 गेंदों पर 18 चौकों और दो छक्कों की मदद से 131 रन बनाकर मुथैया मुरलीधरन की गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों लपके गए।
सहवाग को तीन रन के व्यक्तिगत योग पर जीवनदार भी मिला था। चनाका वेलेगेदारा की गेंद पर विकेटकीपर प्रसन्ना जयवर्धने ने उनका कैच छोड़ दिया था। तीन मैचों की श्रृंखला का पहला मैच अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में खेला गया था। रनों के अंबार के कारण मैच का परिणाम नहीं निकल सका था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।