वर्ष 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान आसिफ का डोपिंग टेस्ट सकारात्मक रहा था और इस वजह से उन्हें एक साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा था। इससे पहले भी वह वर्ष 2006 में डोपिंग के मामले में प्रतिबंध का सामना कर चुके थे। उनका कहना है कि एक समय उन्होंने टीम में वापसी करने का भरोसा भी छोड़ दिया था।
आस्ट्रेलियाई समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' से बातचीत में आसिफ ने कहा, "मेरा पक्ष मजूबत था लेकिन मेरी बात किसी से नहीं सुनी। उस समय कोई मेरे साथ नहीं था। मैं अकेला पड़ा गया था। यहां तक कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) भी बैकफुट पर था।"
आसिफ ने कहा, "मैंने अकेले ही पूरे हालात का सामना किया। मेरे दिमाग में बहुत सारी बातें है और वक्त आने पर मैं सारी बातें कहूंगा। ये बातें कहने का यह सही समय नहीं है। सच कहूं तो मैं बहुत मुश्किल दौर में था।"
एक साल के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले आसिफ का मानना है कि उन्होंने इस पूरे प्रकरण के दौरान बहुत मुश्किलों का सामना किया लेकिन अपने खेल में सुधार करने कोशिश हमेशा करते रहे।
उन्होंने कहा, "वाकई वह कठिन समय था। कभी-कभी लगता था कि मैं वापसी नहीं कर पाउंगा लेकिन मैंने अपनी कोशिश जारी रखी। आज मैं बहुत खुश हं कि मैंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर ली है।"
गौरतलब है कि आसिफ ने अब तक 14 टेस्ट मैचों में 70 विकेट और 32 एकदिवसीय मैचों में कुल 38 विकेट अपने नाम किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।