समाचार पत्र 'द न्यूजीलैंड हेराल्ड' के मुताबिक मैक्कुली का कहना है कि आतंकवादी गतिविधियों को लेकर थोड़े जोखिम की बात है लेकिन हमें ऐसी कोई विशेष सूचना नहीं मिली है जिसके आधार पर इस ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया जाए।
मैक्कली उन खबरों को लेकर संदेह की स्थिति में हैं जिनमें न्यूजीलैंड के समर्थकों को चेतावनी दी गई थी कि वे अपनी ओर ध्यान आकर्षित कराने की कोशिश नहीं करें, ऐसा करने पर उन्हें आतंकवादी घटना का शिकार बनाया जा सकता है।
उनका कहना है कि वह दिल्ली में सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हैं लेकिन वहां जाने वाले हर व्यक्ति को विदेश मंत्रालय को इस बात की सूचना देना चाहिए।
मैक्कली ने कहा कि खेल गांव में साफ-सफाई की कमी से जुड़ी शिकायतों के कारण भारत के सम्मान को आघात पहुंचा है लेकिन इसके बावजूद रविवार तक अगर सबकुछ ठीक हो जाता है तो इस क्षति की भरपाई की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि बदइंतजामी के लिए भारतीय अधिकारियों पर जरूरत से ज्यादा आरोप लग चुके हैं। इस संबंध में थोड़ी बहुत जिम्मेदारी हूपर को भी लेनी चाहिए क्योंकि तैयारियों के जायजे की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी।
खेल गांव एवं आयोजन स्थलों की दुर्व्यवस्थाओं के लिए हूपर ने भारतीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था। एक समय तो ऐसा लगा था कि भारत में ये खेल हो ही नहीं सकेंगे।
हूपर भले ही मानते हों कि वह अपना काम ठीक से करते रहे हैं लेकिन मैक्कली का मानना है कि हूपर को इस सारी घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
समाचार पत्र ने मैक्कली के हवाले से लिखा है, "हम बार-बार यही कह रहे हैं कि भारतीय अधिकारियों को बदइंतजामी की जिम्मेदारी लेनी चाहिए लेकिन मेरा मानना है कि हूपर भी इसके लिए दोषी हैं। वह काफी समय से खेलों की तैयारियों की देखरेख के लिए भारत में हैं। ऐसे में उन्हें बदइंतजामी की जिम्मेदारी बांटने में परहेज नहीं होना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।