ब्रेबोर्न स्टेडियम को टेस्ट मैच की मेजबानी का मौका दिए जाने का कारण यह है कि मुंबई क्रिकेट संघ के स्वामित्व वाले वानखेड़े स्टेडियम में 2011 विश्व कप के मद्देनजर पुर्निमाण कार्य चल रहा है।
1937 में तैयार ब्रेबोर्न स्टेडियम की क्षमता 20,000 दर्शकों की है और यहां पहला टेस्ट मैच 1948 में 9-13 दिसंबर तक भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया था। इस मैदान ने 1973 में 6-11 फरवरी के बीच अंतिम बार टेस्ट मैच की मेजबानी की थी।
भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया वह मैच बेनतीजा रहा था। इस मैदान में 1948 से 1973 तक कुल 17 टेस्ट और 1989 से 2006 के बीच आठ एकदिवसीय मैचों का आयोजन हुआ है। इस मैदान में एक ट्वेंटी-20 मैच (भारत-आस्ट्रेलिया, 2007) भी खेला गया है।
भारत और श्रीलंका की क्रिकेट टीमों के बीच यहां अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला गया है। चूंकि भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 1982 में खेला गया था, लिहाजा इस मैदान को अब तक इन दो टीमों के किसी मैच की मेजबानी का मौका नहीं मिला था।
इस लिहाज से दोनों टीमों के मौजूदा खिलाड़ियों का इस मैदान पर टेस्ट मैच खेलने का यह पहला अनुभव होगा। गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धौनी, हरभजन सिंह और शांताकुमारन श्रीसंत हालांकि यहां 2007 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ एक ट्वेंटी-20 मैच खेल चुके हैं।
यह मैदान भारतीय क्रिकेट टीम को पहली टेस्ट जीत दिलाने वाले पूर्व कप्तान विजय हजारे के लिए बेहद भाग्यशाली रहा है। हजारे ने इस मैदान में चार मैचों की सात पारियों में दो बार नाबाद रहते हुए 125.80 के औसत से कुल 629 रन बनाए थे। हजारे के बल्ले से चार शतक निकले थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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