समाचार पत्र 'सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड' के लिए लिखे अपने स्तंभ में रोबक ने लिखा है कि आज की तारीख में भारतीय मूल के पांच खिलाड़ी वेस्टइंडीज टीम की शोभा बढ़ा रहे हैं।
रोबक के मुताबिक मौजूदा समय में शिवनारायण चंद्रपॉल, रामनरेश सरवन, रवि रामपॉल, दिनेश रामदीन और एड्रियन बाराथ ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके तार किसी न किसी रूप में भारत से जुड़े रहे हैं।
रोबक लिखते हैं, "सालों से एक या दो ईस्ट इंडियन हमेशा ही वेस्टइंडीज की टीम में शामिल रहे हैं। सोनी रामदीन से इस परंपरा की शुरुआत हुई थी और आज यह संख्या पांच तक पहुंच चुकी है। इस दौरान कैरेबियाई क्रिकेट ने एक से एक बड़े भारतीय मूल के खिलाड़ियों को देखा।"
रोबक लिखते हैं कि भारतीय मूल के खिलाड़ियों ने कैरेबियाई क्रिकेट में यह स्थान पाने के लिए काफी मेहनत की है। गन्ने के खेतों में काम करने वाले ये लड़के नाव के सहारे त्रिनिदाद पहुंचे और मजबूत कद-काठी वाले वहां के मूल निवासियों के साथ जबरदस्त प्रतिस्पर्धा की।
बकौल रोबक, "इससे पहले भारतीय मूल के कई खिलाड़ियों ने स्पिनरों के तौर पर वेस्टइंडीज टीम में अपनी पहचान कायम की है लेकिन रामपॉल कैरेबियाई टीम के लिए खेलने वाले पहले भारतीय मूल के तेज गेंदबाज हैं। यह एक नई परंपरा की शुरुआत मानी जा सकती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।