
करियर का पांचवां ग्रैंडस्लैम
मारिया ने फ्रेंच ओपेन के दूसरे लंबे फाइनल में रोमानिया की सिमोना हालेप पर 6-4, 6-7 (5-7), 6-4 से जीत दर्ज की।

तीन घंटे का खिताबी मुकाबला
यह फाइनल तीन घंटे दो मिनट तक चला जो 1996 में स्टेफी ग्राफ और अरांत्जा सांचेज के बीच चले फाइनल से केवल दो मिनट पीछे रह गया।

वर्ष 2012 में पहला फ्रेंच ओपेन
सातवीं वरीयता प्राप्त शारापोवा ने अपना पहला रोलां गैरो खिताब 2012 में जीतकर अपना कॅरियर ग्रैंडस्लैम पूरा किया था और वह पिछले साल सेरेना विलियम्स से हारकर उप विजेता रही थीं।

वर्ष 1978 के बाद रोमानिया को नहीं मिली जीत
चौथी वरीय हालेप ग्रैंडस्लैम में अपना पहला फाइनल खेल रहीं थी और वह 1978 में वर्जिनिया रूजिकी के बाद चैम्पियन बनने वाली पहली रोमानियाई खिलाड़ी बनने की उम्मीद लगाये थीं जो अब उनकी मैनेजर हैं। लेकिन उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।

सर्विस से परेशान थीं शारापोवा
27 वर्षीय शारापोवा इस तरह पांच ग्रैंडस्लैम जीतकर मार्टिना हिंगिस के बराबर पहुंच गयी हैं। शारापोवा इस हफ्ते अपनी सर्विस में जूझती रही हैं और उन्होंने फाइनल में 12 डबल फाल्ट किए।

कमाई के मामले में नंबर दो पर
शारापोवा को हालांकि यहां तक पहुंचने में 10 साल लगे, उन्होंने अपना पहला ग्रैंडस्लैम 2004 में विम्बलडन में जीता था। इस जीत से वह सर्वकालिक ईनामी राशि कमाई में दूसरे नंबर पर पहुंच गयीं, जिसमें अमेरिकी खिलाड़ी सेरेना विलियम्स उनसे आगे हैं।

शारापोवा ने बताया सबसे कठिन पल
शारापोवा के मुताबिक मैंने अभी तक जो भी ग्रैंडस्लैम फाइनल खेलें हैं, यह उनमें सबसे कठिन था। उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा नहीं हो रहा है कि 27 साल की उम्र में मैंने किसी अन्य ग्रैंडस्लैम से ज्यादा फ्रेंच ओपन जीत लिये हैं।


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