स्थानीय ब्रेबॉर्न स्टेडियम में तीसरे दिन खेल खत्म होने पर श्रीलंकाई टीम ने बिना कोई विकेट गवांए 11 रन बनाए थे। चौथे दिन मेहमान टीम का कुल स्कोर 29 रन पहुंचा ही था कि हरभजन सिंह ने तिलकरत्ने दिलशान के विकेट के रूप में भारत को पहली सफलता दिला दी। पहली पारी में शानदार 109 रन बनाने वाले दिलशान दूसरी पारी में महज 16 रन ही बना सके। इसके बाद परानाविताना और संगकारा ने सहजता दिखाई और पारी संभाल ली।
खेल के तीसरे दिन भारतीय टीम ने सहवाग के शानदार दोहरे शतक और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के शतक की बदौलत अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 726 रन बनाकर घोषित कर दी थी। टेस्ट मैचों किसी पारी में भारत का अब तक यह सर्वाधिक स्कोर है।
भारत की ओर से सहवाग ने 293 रनों की यादगार पारी खेली। धौनी ने 100 रन बनाए। द्रविड़ ने 74, वी.वी.एस. लक्ष्मण ने 62 और सचिन तेंदुलकर ने 53 रनों का योगदान दिया। श्रीलंका ओर से मुथैया मुरलीधरन ने चार और रंगना हेराथ ने तीन विकेट चटकाए। मेहमान टीम की पहली पारी 393 रनों पर सिमट गई थी ।
गौरतलब है कि कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल कर भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में 1-0 से आगे है। अहमदाबाद में खेला गया पहला मैच ड्रा रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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