सोमवार को अहमदाबाद में भारतीय टीम के मिस्टर भरोसेमंद ने ये साबित कर दिया कि उन्हें यूँ ही ये नाम नहीं दिया गया है.
एक समय संकट से दो-चार भारतीय टीम को राहुल द्रविड़ का बड़ा सहारा मिला और श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट के पहले दिन का खेल ख़त्म होने तक भारतीय टीम काफ़ी अच्छी स्थिति में है.
पहले दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत ने छह विकेट पर 385 रन बना लिए हैं और भारतीय टीम को सहारा देने वाले और संकट से निकालने वाले राहुल द्रविड़ 177 रन बनाकर नाबाद हैं.
भारतीय टीम को राहुल द्रविड़ का सहारा मिला, तो राहुल द्रविड़ को सहारा दिया युवराज और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने. युवराज ने 68 रनों की पारी खेली तो कप्तान धोनी 110 रन बनाकर आउट हुए.
संकट
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने सिर्फ़ 32 रन पर चार विकेट गँवा दिए थे. टीम के टॉप खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे.
गौतम गंभीर एक रन, वीरेंदर सहवाग 16 रन, सचिन तेंदुलकर चार रन और वीवीएस लक्ष्मण बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए थे.
श्रीलंका के चनाका वेलेगेदरा ने भारतीय टॉप ऑर्डर की खाट खड़ी कर दी. लेकिन राहुल द्रविड़ ने युवराज सिंह के साथ मिलकर भारत को न सिर्फ़ संकट से निकाला बल्कि मज़बूत स्थिति में ला दिया.
दोनों ने चौथे विकेट के लिए 125 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की. युवराज सिंह 68 रन बनाकर आउट हुए.
इस बीच राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 27वाँ शतक पूरा किया. युवराज के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और द्रविड़ ने भी शानदार साझेदारी की.
साझेदारी
दोनों ने संयम और आक्रमण का शानदार समन्वय दिखाते हुए रन भी बनाए और विकेट भी बचाए रखा. धोनी ने भी टेस्ट करियर का दूसरा शतक पूरा किया.
लेकिन पहले दिन का खेल ख़त्म होने से कुछ समय पहले ही एक बाहर जाती गेंद पर बल्ला लगा दिया और 110 रन बनाकर आउट हो गए.
पहले दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत ने छह विकेट पर 385 रन बना लिए हैं. राहुल द्रविड़ 177 और हरभजन सिंह दो रन बनाकर नाबाद हैं.
श्रीलंका की ओर से चनाका वेलेगेदरा ने तीन और दमिका प्रसाद ने दो विकेट लिए. एक विकेट मुथैया मुरलीधरन को मिला.
भारत ने इस टेस्ट के लिए तेज़ आक्रमण की कमान ज़हीर ख़ान को सौंपी है और उनका साथ देंगे ईशांत शर्मा. लंबे समय बाद टीम में वापस आए एस श्रीसंत को 11 खिलाड़ियों में जगह नहीं मिल पाई. स्पिन आक्रमण की कमान हरभजन और अमित मिश्रा के पास होगी.