भूपति और सानिया की जोड़ी ने फ़ाइनल में इसराइल के एंडी राम और फ्रांस की नताली डेची की जोड़ी को 6-1, 6-3 से मात दी.
भारतीय जोड़ी ने मैच में ज़बर्दस्त प्रदर्शन किया और आसान सेटों में राम और नताली को हरा दिया.
महेश भूपति के लिए यह 11वां ग्रैंड स्लैम ख़िताब है जबकि सानिया मिर्ज़ा का यह पहला ग्रैंड स्लैम ख़िताब है.
भूपति इससे पहले अन्य ग्रैंड स्लैम डबल्स मुकाबलों में भी ख़िताब जीत चुके हैं.
ये पहली बार है जब मिश्रित युगल में किसी भारतीय खिलाड़ी जोड़ी ने ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीता हो.
इससे पहले भूपति-सानिया ने सेमीफाइनल में चेक गणराज्य के इवेटा बेनेसोवा और लुकास ड्लोही को आसानी से सीधे सेटों में हराया था.
डबल्स में भूपति हारे
इससे पहले शनिवार को महेश भूपति और बहामास के मार्क नोल्स की जोड़ी ऑस्ट्रेलियन ओपन में डबल्स मुक़ाबले के फ़ाइनल में हार गई थी.
अमरीका के बॉब ब्रायन और माइक ब्रायन की जोड़ी ने भूपति और नोल्स को 2-6, 7-5 और 6-0 से हराकर डबल्स ख़िताब जीत लिया.
अच्छी शुरुआत करके भूपति और मार्क नोल्स ने ख़िताब जीतने का अवसर गँवा दिया. दूसरे सेट में उन्हें अपनी ग़लतियों का नुक़सान भुगतना तो पड़ा ही.
तीसरे सेट में उनकी बुरी हालत का अंदाज़ा इसी से हो सकता है कि वो एक गेम भी नहीं जीत पाए. दूसरी वरीयता प्राप्त मार्क और बॉब ब्रायन की जोड़ी ने दूसरे सेट में जीत का भरपूर लाभ उठाया.
हालांकि अब इस हार का ग़म महेश भूपति के लिए थोड़ा कम हो गया होगा क्योंकि पहली बार उन्होंने किसी भारतीय महिला खिलाड़ी के साथ ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीतकर एक तरह का इतिहास बना ही दिया है.