पहली पारी के आधार पर 334 रनों से पिछड़ी भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (नाबाद 74) और वीरेंद्र सहवाग (51) की तेज अर्धशतकीय पारियों की बदौलत चौथे दिन गुरुवार का खेल खत्म होने तक दो विकेट के नुकसान पर 190 रन बना लिए हैं।
भारतीय टीम हालांकि श्रीलंका से पहली पारी की तुलना में अभी भी 144 रन पीछे चल रही है लेकिन जिस तर्ज पर बल्लेबाजी हो रही है, उसे देखते हुए न तो भारतीय टीम के दूसरी पारी में 143 रनों पर आउट होने की संभावना दिख रही है और न ही मैच का परिणाम निकलता दिख रहा है।
जैसा कि सब जानते हैं क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। मैच के पांचवें दिन श्रीलंकाई गेंदबाजों में से कोई एक मैच जिताऊ प्रदर्शन कर भारतीय टीम का पुलिंदा सस्ते में बांधने में सफल रहा तब तो मैच का परिणाम निकल सकता है। वैसे जिस गति से खेल चल रहा है, उसे देखते हुए किसी चमत्कार की आशा बेमानी हो सकती है।
बहरहाल, भारत के लिए अच्छी खबर यह रही कि पहली पारी में मात्र एक रन बनाकर पेवेलियन लौटने वाले गंभीर ने फार्म में लौटते हुए शानदार पारी खेली। गंभीर 120 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 74 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि नाइटवॉचमैन अमित मिश्रा 25 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 12 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं।
गंभीर और मिश्रा तीसरे विकेट के लिए 25 रन जोड़ चुके हैं। भारतीय टीम ने 45 ओवरों की बल्लेबाजी के दौरान 4.22 के औसत से रन बटोरे। भारतीय टीम ने सहवाग (51) और राहुल द्रविड़ (38) के विकेट गंवाए हैं।
सहवाग ने अपनी 67 गेंदों की पारी के दौरान सात चौके लगाए। उन्हें स्पिन गेंदबाज रंगना हेराथ ने पेवेलियन की राह दिखाई। उनका कैच एंजेलो मैथ्यूज ने लपका। उन्होंने गंभीर के साथ पहले विकेट के लिए 17 ओवरों में 81 रन जोड़े।
पहली पारी में 177 रन बनाकर भारतीय टीम को मुश्किल से उबारने वाले द्रविड़ ने 66 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 38 रन बनाए। गंभीर के साथ दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़ने वाले द्रविड़ को चनाका वेलेगेदारा ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद गंभीर और मिश्रा ने टीम को कोई और नुकसान नहीं होने दिया।
इससे पहले, श्रीलंकाई टीम ने अपनी पहली पारी सात विकेट पर 760 रनों के स्कोर पर घोषित कर दी। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 426 बनाए थे। इस तरह मेहमान टीम ने पहली पारी के आधार पर 334 रनों की बढ़त हासिल की थी।
खेल के चौथे दिन भारतीय गेंदबाज विकेट के लिए संघर्ष करते रहे लेकिन पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने और प्रसन्ना जयवर्धने की जोड़ी के सामने उनकी एक न चली।
माहेला 275 रनों के निजी स्कोर पर आउट हुए। उन्होंने बुधवार को ही दोहरा शतक जड़ा था। माहेला ने अपना 435 गेंदों की मैराथन पारी के दौरान 27 चौके और एक छक्का जड़ा। उनके टेस्ट करियर का यह 27वां शतक है। चौथे दिन प्रसन्ना ने भी शतक जड़ा। वह 154 रनों पर नाबाद रहे।
प्रसन्ना ने 314 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौके लगाए। भारत की ओर से तेज गेंदबाज जहीर खान, ईशांत शर्मा और हरभजन सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि लेग स्पिनर मिश्रा ने माहेला के रूप में एक विकेट अपने नाम किया।
इससे पहले तीसरे दिन श्रीलंकाई टीम को थिलन समरवीरा के रूप में पहला झटका लगा। समरवीरा 70 रनों के निजी स्कोर पर ईशांत का शिकार बने। इसी दिन भोजनकाल से ठीक पहले मेहमान टीम को एक और झटका उस समय लगा जब एंजेलो मैथ्यूज 17 रन बनाकर हरभजन की गेंद पर आउट हो गए।
पहली पारी में भारतीय टीम ने 426 रनों का स्कोर खड़ा किया था। द्रविड़ ने 177 रनों की पारी खेली थी। उनके अलावा कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 110 और युवराज सिंह ने 68 रनों का योगदान दिया था। श्रीलंका की ओर से चनाका वेलेगेदारा ने चार विकेट और मुथैया मुरलीधरन ने तीन विकेट चटकाए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।