माना जा रहा है कि यह फैसला अनुशासनात्मक कार्यवाही के तहत लिया गया है। महेश भूपति और रोहन बोपन्ना ने लंदन ओलंपिक के ठीक पहले लिएंडर पेस के साथ मिक्स्ड डबल्स में खेलने से मना कर दिया था। जिससे एआइटीए उनसे नाराज था। न्यूजीलैंड के खिलाफ डेविस कप में भी युवाओं को मौका दिया गया। जिसमें युवा खिलाडि़यों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3-0 की लीड हासिल की।
भूपति ने कहा है कि वह अपना पक्ष रखने के लिए मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन करेंगे। भूपति ने यह भी कहा कि उनके और संघ के प्रमुख सदस्यों के बीच वर्षों से विवाद चल रहा है। यह बेहद अफसोस की बात है कि मैं और बोपन्ना इस गंदे खेल में फंस गये हैं।
एआईटीए ने साफ कर दिया है कि वह अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगा।