भारतीय टेनिस प्रेमियों के लिए बुधवार का दिन काफ़ी निराशाजनक साबित हुआ. भारत की टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा दूसरे दौर में ईटली की फ्लाविया पेनेटा के हाथों मिली करारी हार के बाद यूएस ओपन के महिला एकल मुक़ाबले से बाहर हो गई हैं. 10वीं वरीयता प्राप्त फ्लाविया ने एक तरफ़ा मुक़ाबले में सानिया को सीधे सेटों में 6-0,6-0 से हरा दिया. फ्लाविया ने 50 मिनट से भी कम समय में सानिया की चुनौती ख़त्म कर दी.
फ्लाविया के साथ मुक़ाबले से पहले सानिया ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि वे तैयारी के साथ आई हैं और फ्लाविया को कड़ी टक्कर देते हुए जीतने के लिए खेलेंगी. लेकिन जानकारों की मानें तो बुधवार का खेल देखकर लगा ही नहीं कि सानिया इस खेल के लिए तैयार थीं और जीतने के लिए खेल रही थीं. उनका तो टिक पाना ही मुश्किल लग रहा था.
निराशाजनक प्रदर्शन
पहला सेट तो सानिया केवल 22 मिनट में ही हार गईं. पूरे मैच के दौरान सानिया एक बार भी अपनी सर्विस नहीं बचा पाईं.सानिया और फ्लाविया के बीच अब तक छह मैच हुए हैं जिसमें चार बार सानिया को हार का मुंह देखना पड़ा है जबकि दो में उन्हें कामयाबी मिली है.लेकिन बुधवार को सानिया का प्रदर्शन काफ़ी ख़राब रहा.
इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरे मैच में फ्लाविया ने 54 अंक अर्जित किए जबकि सानिया सिर्फ़ 21 अंक ही हासिल कर पाईं. मैच की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ टेनिस खिलाड़ी विशाल उप्पल ने बीबीसी को बताया कि सानिया का स्तर काफ़ी गिर गया है और टेनिस में वापसी के लिए उन्हें बहुत मेहनत करनी होगी. अपने पूरे टेनिस करियर में सानिया कभी इतने अंतर से नहीं हारी हैं.