पीसीबी के इस फैसले से पूर्व क्रिकेटर और अधिकारी नाराज हैं। पूर्व क्रिकेटरों का कहना है कि पीसीबी ने ऐसे समय में यूनुस का साथ नहीं दिया, जब वह अपने करियर के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं।
पूर्व कप्तान आमिर सोहेल के मुताबिक ऐसे में जबकि यह खबर आ रही है कि कई सीनियर खिलाड़ी यूनुस के खिलाफ बगावत पर उतारु हैं, पीसीबी को उनका साथ देना चाहिए था।
बकौल सोहेल, "पीसीबी ने दो सप्ताह पहले यूनुस का समर्थन किया था और मैच फिक्सिंग के आरोपों से उनका बचाव भी किया था लेकिन आज पीसीबी ने अपने इस कदम के माध्यम से यह संकेत दे दिया है कि पाकिस्तानी क्रिकेट में ठहराव की स्थिति नहीं बन सकती।"
पूर्व अध्यक्ष सलाहुद्दीन अहमद ने पूरे मामले पर गैरपेशेवराना रवैया दिखाने को लेकर मौजूदा अध्यक्ष एजाज बट्ट की तीखी आलोचना की है।
अहमद ने कहा, "बट्ट ने एक साल के भीतर तीन कप्तान बदले हैं। आखिर वह किन नीतियों पर चल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने जावेद मियांदाद, आमिर सोहेल और अब्दुल कादिर जैसे पूर्व क्रिकेटरों को पीसीबी के उच्च पदों से हटाया था। आखिर बट्ट किस विधि से पाकिस्तानी क्रिकेट को चलाना चाहते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।