पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर अपने घर में खेली गई टेस्ट तथा एकदिवसीय श्रृंखला में मिली शानदार जीत के बाद बांग्लादेश पहुंची भारतीय टीम को मंगलवार को जीत की पूरी उम्मीद थी लेकिन इस सत्र के सर्वाधिक सफल बल्लेबाजों में एक थिलन समरवीरा के शानदार नाबाद शतक ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
अपने कई प्रमुख खिलाड़ियों के बगैर खेल रही श्रीलंकाई टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए श्रृंखला में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। चार दिसंबर को खेले गए पहले मुकाबले में उसने मेजबान टीम को पराजित किया था।
गुरुवार को भारतीय टीम को इस बात को लेकर सावधान रहना होगा कि उसे दूसरी पारी में गेंदबाजी न करनी पड़े। जाहिर तौर पर इस लिहाज से टॉस जीतना बहुत जरूरा होगा। इसके अलावा बल्लेबाजों और गेंदबाजों के सम्मिलित प्रयासों से टीम को प्रतियोगिता में बनाए रखने का प्रयास करना होगा।
बांग्लादेश के हाथों हार की सूरत में भारतीय टीम की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की टीमों तालिका में पहले स्थान पर पहुंचने का सपना फिलहाल पूरा नहीं हो सकेगा। इस संभावना को बनाए रखने के लिए उसे इस श्रृंखला के बाकी सभी मैच जीतने होंगे।
कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने मंगलवार को मिली हार के लिए ओस को जिम्मेदार ठहराया। धौनी ने हालांकि गेंदबाजों और बल्लेबाजों के प्रयास को सराहा लेकिन भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय यह है कि वह अच्छी बल्लेबाजी के बावजूद 300 रनों का आंकड़ा नहीं छू सकी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।