बांग्लादेशी टीम ने मात्र आठ रन के कुल योग पर अपना पहला विकेट गंवाया था। सलामी बल्लेबाज इमरुल कायेस एक रन के व्यक्तिगत योग पर जहीर खान की गेंद पर दिनेश कार्तिक के हाथों विकेट के पीछे लपके गए थे। दूसरे विकेट के रूप में शहरयार नफीस पेवेलियन लौटे। नफीस ने 27 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 23 रन बनाए।
खबर लिखे जाने तक मेजबान टीम ने मैच के चौथे दिन के अंतिम सत्र में 17 ओवरों की समाप्ति तक दो विकेट के नुकसान पर 57 रन बनाए थे। तमीम इकबाल 56 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 23 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि मोहम्मद अशरफुल ने छह रन बनाए थे। मेजबान टीम को जीत के लिए अभी भी 354 रनों की जरूरत है जबकि उसके आठ विकेट सुरक्षित हैं।
इससे पहले, भारतीय टीम ने आठ विकेट के नुकसान पर 413 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। पहली बारी के आधार पर उसे एक रन की बढ़त मिली थी, जिसे मिलाकर उसकी कुल बढ़त 414 रनों की हो गई।
दूसरी पारी में भारत के लिए सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने सर्वाधिक 116 रन बनाए जबकि वी.वी.एस. लक्ष्मण ने 89 गेंदों पर पांच चौको की मदद से नाबाद 69 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा नाइटवॉचमैन अमित मिश्रा ने 50 और कार्यकारी कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 45 रन की उपयोगी पारी खेली।
तीसरे दिन मंगलवार का खेल कम रोशनी के कारण निर्धारित समय से लगभग सवा घंटे पहले खत्म कर दिया गया था। खेल रोके जाने तक भारतीय टीम ने सहवाग का विकेट खोकर 122 रन बनाकर कुल 123 रनों की बढ़त हासिल की थी।
तीसरे दिन 47 रन पर नाबाद लौटने वाले गंभीर ने 116 रनों की पारी खेलकर अपने करियर का नौवां शतक जड़ा जबकि मिश्रा 50 रन बनाकर आउट हुए। मिश्रा 24 रन पर नाबाद लौटे थे।
गंभीर ने अपनी 129 गेंदों की पारी के दौरान 10 चौके और एक छक्का लगाया जबकि मिश्रा ने 70 गेंदे खेलकर छह चौके लगाए। गंभीर ने पिछले 11 टेस्ट मैचों में आठ शतक लगाए हैं।
गंभीर ने 9 अक्टूबर, 2008 और 20 जनवरी, 2010 के बीच कुल 11 मैच खेले हैं और इस दौरान उनके बल्ले से 22 पारियों में आठ शतक और चार अर्धशतक निकले हैं। इस दौरान उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 206 रन रहा है।
रन उगलते बल्ले के कारण ही गंभीर इस सत्र में विश्व के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज रहे और दो मौकों पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के बल्लेबाजों के वरीयता क्रम में पहले स्थान पर पहुंचे। 2004 में अपना पहला टेस्ट खेलने वाले गंभीर ने अपने सभी शतक पिछले डेढ़ साल में लगाए हैं।
बहरहाल, चौथे दिन भारत ने गंभीर और मिश्रा के अलावा राहुल द्रविड़ (24), सचिन तेंदुलकर (16), युवराज सिंह (25), दिनेश कार्तिक (27) और जहीर (20) के विकेट विकेट गंवाए। युवराज ने 32 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए जबकि कार्तिक ने 42 गेंदों पर चार चौके जड़े।
तेंदुलकर (105 नाबाद) के करियर के 44वें टेस्ट शतक की बदौलत भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 243 रन बनाए थे जबकि मेजबान टीम की पहली पारी मैच के तीसरे दिन 242 रनों पर सिमट गई थी। पहली पारी में सहवाग ने भी 52 रनों का योगदान दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।