भारतीय टीम ने चटगांव में खेला गया पहला टेस्ट मैच 113 रनों के अंतर से जीता था। जहीर ने मीरपुर टेस्ट की पहली पारी में भी तीन विकेट लिए थे। इस तरह वह कुल 10 विकेट चटकाने में सफल रहे। इस शानदार प्रदर्शन के लिए जहीर को 'मैन ऑफ द मैच' खिताब से नवाजा गया। साथ ही श्रृंखला में कुल 15 विकेट लेने के लिए उन्हें 'मैन ऑफ द सीरीज' भी घोषित किया गया।
मैच के चौथे दिन जहीर की घातक गेंदबाजी की वजह से बांग्लादेश की पूरी टीम अपनी दूसरी पारी में 312 रन बना सकी।
भारत ने पहली पारी के आधार पर 311 रनों की बढ़त बनाई थी। मीरपुर में जीत हासिल करने के लिए उसे दो रन बनाने की जरूत थी। वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ने नाबाद रहकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारत को जीत के लिए जरूरी रन अतिरिक्त रनों के तौर पर मिले।
तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश ने तीन विकेट पर 228 रन बनाए थे। चौथे दिन भी मेजबान टीम ने सहज ढंग से पारी को आगे बढ़ाया, परंतु खेल के पहले सत्र में ही उसे तीन झटके लगे।
ये तीनों विकेट स्पिनरों के खाते में गए। प्रज्ञान ओझा ने मोहम्मद अशरफुल (25) और सकीबुल हसन (7) को पेवेलियन की राह दिखाई। शहादत हुसैन 40 रनों के निजी स्कोर पर हरभजन सिंह का शिकार बने। टेस्ट मैचों में शहादत का यह सर्वोच्च स्कोर है।
स्पिनरों के बाद भारतीय टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाज जहीर ने बांग्लादेश के तीन बल्लेबाजों को पेवेलियन की राह दिखाई। रकीबुल हसन पांच और महमुदुल्लाह व सैफुल इस्लाम बगैर खाता खोले ही जहीर की घातक गेंदबाजी का शिकार बने। भोजनकाल के ठीक बाद रुबेल हुसैन को भी जहीर ने चलता किया।
इससे पहले, भारत ने पहली पारी आठ विकेट पर 544 रनों पर घोषित कर दी थी। भारत की ओर से मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 143 और राहुल द्रविड़ ने 111 रनों की नाबाद पारी खेली थी। बांग्लादेश की पहली पारी 233 रनों पर सिमट गई थी। बांग्लादेश की ओर से महमुदुल्लाह ने नाबाद 96 रन बनाए थे। भारत की ओर से ईशांत शर्मा ने चार और जहीर ने तीन विकेट चटकाए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*