नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। मवाना सुगर्स इंडिया मैराथन अन्य दौड़ प्रतियोगिताओं की तरह नहीं होगा। यह एक से अधिक सामाजिक समस्याओं को समर्पित होगा। रविवार को आयोजित होने वाले इस मैराथन में पांच हजार लोग हिस्सा लेंगे।
पिछले तीन मैराथनों की तरह इस बार भी यह 21वां मैराथन राष्ट्रमंडल खेल मैराथन के रास्ते से होकर गुजरेगा।
मुख्य मैराथन में 10.49 की दूरी तय करने के लिए प्रतिभागियों को चार बार चक्कर और हॉफ मैराथन के लिए दो बार चक्कर लगाना होगा।
मवाना मैराथन के सह-प्रायोजक बिजली सामान बनाने वाली कंपनी उषा और होंडा हैं। इस मैराथन का विस्तार हर साल हो रहा है। यह मैराथन पर्यावरण संरक्षण, एड्स जागरूकता, भूकंप राहत कार्य और विकलांगों के लिए समर्पित होगा।
मवाना सुगर्स लिमिटेड के अध्यक्ष सिद्धार्थ श्रीराम ने बताया कि इस दौड़ का आयोजन खेल को और बढ़ाने देने के लिए किया गया है।
श्रीराम ने आईएएनएस को बताया, "भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन हम इसे साबित ही नहीं कर पाते हैं। वर्ष 1960 के ओलंपिक में मिल्खा सिंह ने चौथा स्थान हासिल किया था और बीते 50 सालों में कोई भी भारतीय उस रिकार्ड को तोड़ नहीं पाया। एथलीटों को प्रशिक्षण देकर उनमें सुधार करने की जरूरत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।