एफआईएच ने सोमवार को हुई सुनवाई के बाद शिवेंद्र पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगाया था लेकिन हॉकी इंडिया (एचआई) द्वारा इस मामले में अपील करने के बाद मंगलवार को हुई सुनवाई में इस प्रतिबंध को दो मैचों तक सीमित कर दिया गया। एफआईएच ने इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था।
उस मैच में भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से पराजित किया था। शिवेंद्र ने भारत की ओर से पहला गोल दागा था। एफआईएच की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक अब शिवेंद्र मंगलवार को आस्ट्रेलिया के साथ होने वाले दूसरे और गुरुवार को स्पेन के साथ होने वाले तीसरे मुकाबले में नहीं खेल सकेंगे।
एफआईएच ने अपने बयान में कहा, "जांच के लिए गठिन समिति ने शिवेंद्र को विश्व कप आचार संहिता के अंतर्गत दूसरे श्रेणी का दोषी पाया। समिति का मत है कि शिवेंद्र ने जानबूझकर पाकिस्तानी खिलाड़ी पर हमला नहीं किया लेकिन उनकी यह हरकत खेल के लिहाज से खतरनाक है, लिहाजा उन पर दो मैचों का प्रतिबंध लगाया जाता है।"
रविवार को खेले गए मैच के दौरान गेंद छीनकर आगे बढ़ने के प्रयास में शिवेंद्र की स्टिक पाकिस्तानी खिलाड़ी फरीद अहमद के आंख के ऊपर लग गई थी। एफआईएच ने इसे जानबूझकर अंजाम दी गई घटना करार देते हुए शिवेंद्र को इसका दोषी घोषित किया था।
भारतीय टीम के प्रबंधक और राष्ट्रीय कोच हरेंद्र सिंह ने कहा कि शिवेंद्र ने इस मामले में अपना दोष स्वीकर कर लिया था। शिवेंद्र ने हालांकि यह भी कहा कि उन्होंने जानबूझकर कुछ नहीं किया और भविष्य में वह ऐसी घटनाओं के प्रति सतर्क रहेंगे।
हरेंद्र ने आगामी दो मैचों में शिवेंद्र की गैरमौजूदगी को टीम के लिए 'बड़ा नुकसान' करार दिया। हरेंद्र ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "आस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ शिवेंद्र हमारे लिए काफी उपयोगी साबित होते। अब हमें पुराने वक्त की ओर लौटना होगा, जब हम 14 खिलाड़ियों के साथ खेला करते थे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।