भारत में 28 वर्षो के अंतराल के बाद हो रहे इस आयोजन के मद्देनजर चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरे स्टेडियम को किले में तब्दील कर दिया गया है।
दर्शकों को तो पहले ही इस बात की जानकारी दे दी गई थी कि धातु निर्मित किसी भी सामान को वह स्टेडियम के अंदर नहीं ले जा सकेंगे। इसके लिए विशेष तौर टिकट पर भी इसकी जानकारी अंकित की गई थी लेकिन पत्रकारों को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। अलबत्ता, मैच के कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि सुरक्षा जांच के दौरान सभी पत्रकारों को अपनी जेब में पड़े सिक्के निकालने पड़े।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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