मैच में एक समय तो लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीकी टीम पहली पारी में फिर पहाड़ सा स्कोर खड़ा कर लेगी लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान और स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने तीन-तीन विकेट लेकर मैच में भारतीय टीम की शानदार वापसी कराई। खराब रोशनी के कारण पहले दिन 81 ओवर का ही खेल हो सका। खेल खत्म होने तक दक्षिण अफ्रीका ने नौ विकेट गंवाकर 266 रन बना लिए थे। दक्षिण अफ्रीका की आखिरी जोड़ी मैदान पर थी। वायने पार्ले 2 और मोर्ने मोर्कल 3 रन बनाकर नाबाद थे।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्रीम स्मिथ ने पीटरसन के साथ पारी की शुरुआत की। मैच के तीसरे ही ओवर में जहीर खान ने स्मिथ को पैवेलियन भेज कर भारत को पहली सफलता दिलाई। स्मिथ ने चार रन बनाए।
स्मिथ के बाद उनके स्थान पर बल्लेबाजी करने आए हाशिम अमला ने पीटरसन के साथ टीम को मजबूती प्रदान की और दोनों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 209 रन जोड़े। अमला ने 44वें ओवर की अंतिम गेंद पर चौका जड़कर अपना शतक पूरा किया।
इसके बाद पीटरसन ने 52वें ओवर की आखिरी गेंद पर एक रन लेकर अपना सैकड़ा पूरा किया। शतक पूरा करने के थोड़ी ही देर बाद पीटरसन को जहीर खान ने अपना दूसरा शिकार बनाया। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने उन्हें विकेट के पीछे लपका। पीटरसन के अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट करियर का यह पहला मैच था और पहले ही मैच में उन्होंने शतक जड़ शानदार आगाज किया। मार्क बाउचर के घायल होने के कारण उन्हें इस मैच में खेलने का मौका मिला और उन्होंने इसका भरपूर फायदा उठाया।
पीटरसन के स्थान पर पिछले मैच में शानदार शतक लगाने वाले ऑलराउंडर जैक कालिस मैदान में उतरे। चायकाल के बाद तीसरे सत्र में भारतीय गेंदबाज दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों पर पूरी तरह हावी रहे। चाय के बाद दो विकेट पर 228 रन से आगे खेलने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम को जहीर खान ने तीसरा झटका दिया। 56वें ओवर की चौथी गेंद पर जहीर ने शतक लगा चुके हाशिम अमला को धौनी के हाथों लपकवा कर चलता किया। अमला ने 114 रन बनाए। इस पारी के दौरान उन्होंने 166 गेंदों का सामना किया और 14 चौके तथा एक छक्का लगाया। पहले टेस्ट मैच में भी अमला ने शानदार दोहरा शतक जड़ा था।
अमला के आउट होने के बाद हरभजन सिंह ने जल्दी-जल्दी तीन अफ्रीकी बल्लेबाजों को पेवेलियन भेजा और बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही अफ्रीकी टीम को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमला के बाद कालिस 10, ए. बी. डिविलियर्स 12, एश्वेल प्रिंस 1, जे. पी. डुमिनी 0, डेल स्टेन 5 और हैरिस एक रन बनाकर पेवेलियन लौटे।
अफ्रीका ने अपने सात अंतिम विकेट महज 43 रनों के अंतराल में गंवा दिए। भारत की ओर से जहीर खान और हरभजन सिंह ने तीन-तीन विकेट हासिल किए जबकि ईशांत शर्मा और अमित मिश्रा को एक-एक विकेट मिला। एक खिलाड़ी रन आउट हुआ।
तीन विकेट लेने वाले हरभजन सिंह ने इसके साथ ही टेस्ट मैचों में अपने 350 विकेट भी पूरे किए। ऐसा करने वाले अनिल कुंबले और कपिल देव के बाद भारत के तीसरे और विश्व के 18वें गेंदबाज बन गए।
भारतीय टीम में वी.वी.एस. लक्ष्मण की वापसी हुई है। ऋद्धिमान साहा को उनके लिए स्थान खाली करना पड़ा। नागपुर के पहले टेस्ट मैच में हार के बाद भारत श्रृंखला में 1-0 से पीछे है। सर्वोच्च टेस्ट टीम का खिताब बरकरार रखने के लिए भारत को यह मैच जीतना जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।