गिल ने कहा कि निशानेबाजों को इस मामले में जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए थी। निशानेबाजों ने कोच की नियुक्ति में देरी को देखते हुए अपने खर्च पर कोच नियुक्त कर लिया है।
फरीदाबाद के सूरजकुंड स्थित कर्णी सिंह शूटिंग रेंज को राष्ट्रमंडल खेलों के लिए देश को समर्पित करने के दौरान गिल ने कहा कि कोच की नियुक्ति में देरी के लिए संघ को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि उन्हें एक अच्छे कोच की तलाश है और यही कारण है कि इस काम में देरी हो रही है।
गिल ने कहा, "आप संघ को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। हमें विदेशी कोच को पांच हजार डॉलर प्रति माह देना पड़ता है लेकिन दूसरे देश उन्हें इससे भी अच्छा वेतन देते हैं। यही कारण है कि हमें अच्छा कोच मिलने में देरी हो रही है। दुबई जैसी जगह में कोच को अच्छा वेतन मिलता है। इस मामले में निशानेबाजों को संयम दिखाना चाहिए था। मुझे उम्मीद है कि उन्हें नया कोच जल्द ही मिल जाएगा।"
राष्ट्रीय राइफल संघ के महासचिव बलजीत सिंह सेठी ने कहा कि संघ भारतीय निशानेबाजों के लिए अच्छा से अच्छा कोच लाने के प्रयास में जुटा है। सेठी के मुताबिक मास्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले रूसी निशानेबाज एलेक्जेंडर मेलेंतेव को भारतीय टीम का संभावित कोच माना जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।