नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान को हराकर अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का खिताब जीतने वाली आस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान मिशेल मार्श अपने पिता और पूर्व सलामी बल्लेबाज ज्यौफ मार्श तथा बड़े भाई व आस्ट्रेलियाई एकदिवसीय टीम के सलामी बल्लेबाज शॉन मार्श के नक्शेकदम पर चल रहे हैं।
शनिवार को लिंकोन में खेले गए खिताबी मुकाबले में मिशेल कुछ खास कारनामा नहीं कर सके लेकिन 18 वर्ष की उम्र में जूनियर टीम का कप्तान बनकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वह पिता और भाई की तरह एक दिन देश की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हैं।
मिशेल के पिता ज्यौफ ने आस्ट्रेलिया के लिए 50 टेस्ट और 117 एकदिवसीय मैच खेले हैं। डेविड बून के साथ उनकी जोड़ी अपने समय की सबसे सफल सलामी जोड़ियों में एक थी। ज्यौफ ने टेस्ट मैच में चार शतकों के साथ 2854 रन बनाए हैं जबकि एकदिवसीय मैचों में उनके नाम 4357 रन और नौ शतक शामिल हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले संस्करण में शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे अधिक रन बोटकर चर्चा में आए शॉन मार्श 26 वर्ष की उम्र में आस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय एकदिवसीय टीम के स्थाई सलामी बल्लेबाज बन चुके हैं। शॉन ने 23 मैचों में 40 के औसत से एक शतक और छह अर्धशतकों की मदद से अब तक 877 रन बनाए हैं। आईपीएल के पहले संस्करण में उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब के लिए 635 रन जुटाए थे और इसके लिए उन्हें 'गोल्डन बैट' सम्मान से नवाजा गया था।
मिशेल और शॉन को क्रिकेट विरासत में मिली है क्योंकि पिता ज्यौफ छुटपन से ही दोनों को अपने साथ क्रिकेट अकादमियों और अंतर्राष्ट्रीय मैचों के लिए ले जाया करते थे। सिडनी स्थित क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने के दौरान ही दोनों भाइयों ने जता दिया था कि उनके लिए राष्ट्रीय टीम तक का रास्ता कठिन नहीं है।
अंडर-19 टीम के एक और खिलाड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह खिलाड़ी हैं आस्ट्रेलियाई टीम के पूर्व तेज गेंदबाज क्रेग मैक्डरमॉट के पुत्र एलिस्टर मैक्डरमॉट। मिशेल की तरह एलिस्टर भी फाइनल में कुछ खास नहीं कर सके लेकिन युवावस्था में ही काफी कुछ हासिल करने की ललक के कारण वह भविष्य में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधि बनने की होड़ में शामिल हो चुके हैं।
एलिस्टर के पिता क्रेग ने 19 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई थी। पिता की तरह एलिस्टर भी राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटाते दिख रहे हैं। क्रेग ने अपने देश के लिए 71 टेस्ट और 138 एकदिवसीय मैच खेले। टेस्ट मैचों में उन्होंने 291 और एकदिवसीय मैचों में 203 विकेट चटकाए।
अपनी शानदार मारक क्षमता के कारण वह 1990 के दशक में आस्ट्रेलिया के मुख्य स्ट्राइक गेंदबाज रहे थे। अपने पिता की तरह एलिस्टर भी एक तेज गेंदबाज हैं और बल्लेबाजों को परेशान करना पसंद करते हैं। राष्ट्रीय अंडर-17 टीम के लिए खेलते हुए एलिस्टर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-19 विश्व कप में जगह बनाई और पहले ही प्रयास में विश्व कप के लिए चयनित हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।