कलिंग सेना के अध्यक्ष हेमंत राठ ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को राज्य में होने वाले आईपीएल मैचों में नहीं खेलने देने संबंधी उनकी मांग अगर मानी नहीं गई तो वह बाराबाती स्टेडियम में मैच नहीं होने देगी।
राठ ने कहा, "हमारी चार शर्ते हैं। अगर हमारी शर्तें मानी नहीं गईं तो हम कटक में आईपीएल मैच नहीं होने देंगे। हम चाहते हैं कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड इस बात को लेकर हमें आश्वस्त करे कि वह कटक में आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को नहीं खेलने देगी। हम आस्ट्रेलिया में भारतीय लोगों पर हो रहे हमलों के विरोध में ऐसा कर रहे हैं।"
कलिंग सेना की मांग है कि कटक में खेले जाने वाले मैचों के दौरान चियरगर्ल्स का नृत्य नहीं होना चाहिए। साथ ही सेना ने बीसीसीआई से पूछा है कि आखिरकार दिलीप ट्रॉफी के मैचों के लिए राज्य के किसी खिलाड़ी का चयन पूर्वी क्षेत्र की टीम में क्यों नहीं किया गया।
कलिंग सेना की इस चेतावनी पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए उड़ीसा क्रिकेट संघ ने कहा है कि इस पार्टी ने राजनीतिक पैठ कायम करने के मकसद से इस मुद्दे को उठाया है। संघ के मुताबिक कलिंग सेना को अपनी राजनीति चमकाने के लिए राजनीति से जुड़े मुद्दों और अपनी पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
उड़ीसा क्रिकेट संघ के सचिव आशीर्वाद बेहेरा ने कहा, "ऐसे में जबकि शिव सेना ने आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को मुंबई और महाराष्ट्र में खेलने की अनुमति दे दी है, कलिंग सेना का इस मुद्दे को उड़ीसा में उठाना युक्तिसंगत नहीं लग रहा है। उसे तो खुश होना चाहिए कि राज्य में पहली बार आईपीएल मैच खेले जाएंगे लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के कारण वह इसमें खलल डालने का प्रयास कर रही है। उसे अपनी राजनीति चमकाने के लिए राजनीति से जुड़े मुद्दों पर ही ध्यान देना चाहिए। क्रिकेट को राजनीति में घसीटना जायज नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।