भारत और पाकिस्तान का मुकाबला रात साढ़े आठ बजे से खेला जाएगा लेकिन उससे पहले पूल-बी में ही दक्षिण अफ्रीका और स्पेन तथा आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। इसके बाद भारत-पाक मैच खेला जाएगा। पहला मैच दोपहर साढ़े चार बजे से और दूसरा मैच साढ़े छह बजे से होगा। सभी मैचों का सीधा प्रसारण टेन स्पोर्ट्स पर किया जाएगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाने वाला हर मुकाबला सांसें थाम देने वाला होता है, चाहे वह क्रिकेट हो या हॉकी या फिर कोई और खेल। भारत और पाकिस्तान की टीमों के लिए रविवार का मैच न केवल परीक्षा की घड़ी होगी बल्कि इस पर खेल प्रेमियों की भी विशेष नजर होगी।
दोनों टीमें पहले मैच में जीत दर्ज करना चाहेंगी। पाकिस्तानी टीम का मनोबल बढ़ा हुआ है क्योंकि हाल ही में चैंपियंस चैलेंज प्रतियोगिता में पाकिस्तानी टीम ने भारत के खिलाफ 6-3 से जीत दर्ज की थी।
पाकिस्तानी टीम के कोच शाहिद अली पहले मैच को मनोवैज्ञानिक संघर्ष मान रहे हैं। उन्होंने कहा, "दोनों देश सामान्यत: एक ही तरह से खेलती है। दोनों एक दूसरे पर दवाब बनाना चाहेगी।" उधर, भारतीय टीम के कोच जोस ब्रासा ने कहा, "मैच को जरूरत से अधिक महत्व नहीं देना चाहिए।"
यह मैच भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इसे जीतने के बाद भारतीय टीम को आस्ट्रेलिया से भिड़ना है, जिसे ग्रुप-बी की सबसे सशक्त टीम माना जा रहा है। ये दोनों मैच भारतीय टीम के बेहद अहम होंगे क्योंकि इनके नतीजे इस विश्व कप में भारत के भविष्य का फैसला करेंगे।
भारतीय टीम के कप्तान राजपाल सिंह ने दो दिन पहले आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा था कि हाल के विवादों से टीम की एकता विवादों के कारण ही बढ़ी है और इन विवादों से निकलने के बाद टीम ने विश्व कप के लिए जबरदस्त तैयारी की है। राजपाल ने कहा कि विश्व कप के लिहाज से उनके साथियों का मनोबल काफी ऊंचा है।
दूसरी ओर, पाकिस्तानी टीम के कोच शाहिद अली खान ने कहा कि भारत के खिलाफ उनकी टीम का पलड़ा भारी रहेगा। खान ने हालांकि यह भी कहा कि घरेलू दर्शकों के समक्ष खेलने का फायदा भारतीय टीम को जरूर मिलेगा।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है इस मैच में हमारा पलड़ा भारी रहेगा क्योंकि पिछले तीन मैचों में हमने भारतीय टीम को शिकस्त दी है। भारत को हालांकि घेरलू मैदान में खेलने का लाभ जरूर मिलेगा।"
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की टीमों में कोई खास अंतर नहीं है। "हमारी टीम में कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी हैं तो कुछ युवा भी। भारतीय टीम भी कमोबेश ऐसी ही है। इसलिए हमारे बीच कोई बहुत अंतर नहीं है। जो भी टीम दबाव बनाने में सफल रहेगी वह जीतेगी।"
पाकिस्तानी कप्तान जीशान अशरफ का कहना है कि वरिष्ठ और युवा खिलाड़ियों के समन्वय उनकी टीम को जीत दिला सकता है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि पहला मैच हारने का मतलब यह नहीं है कि हमारे रास्ते बंद हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "यह बहुत अहम मैच है और इसे जीतकर हम अपनी संभावनाएं मजबूत करेंगे। निजी तौर पर यह मेरे जीवन के सबसे अहम मैचों में होगा।"
भारतीय टीम इस मैच के लिए मुख्य रूप से अपने तीन ड्रैग फ्लिकरों-संदीप सिंह, दिवाकर राम और धनंजय महाधिक पर निर्भर करेगी। हालांकि ड्रैग फ्लिकरों का काम तभी आसान होता है जब स्ट्राइकर और फारवर्ड खिलाड़ी उनके लिए मौके बनाएं। ये मौके पेनाल्टी कार्नर के तौर पर सामने आते हैं। पेनाल्टी कार्नर मिलने की स्थिति में ये तीनों खिलाड़ी भारत को सफलता दिला सकते हैं।
फारवर्ड पंक्ति में प्रभजोत सिंह और दीपक ठाकुर को जमकर मेहनत करनी होगी। उन्हें अपने तजुर्बे के उपयोग करते हुए सेंटर फारवर्ड शिवेंद्र सिंह के लिए मौका बनाना होगा। इसके अलावा अर्जुन हलप्पा तथा कप्तान राजपाल सिंह को थोड़ा पीछे ही सही लेकिन सतर्क रहते हुए पाकिस्तानी टीम की आक्रमण पंक्ति को भारतीय खेमे में घुसने से रोकना होगा।
भारतीय रक्षापंक्ति की जिम्मेदारी मुख्य रूप से तुषार खांडेकर, विक्रम पिल्ले और भरत चिकारा पर होगी। इन खिलाड़ियों को मिडफील्डरों के साथ बेहतर तालमेल बनाना होगा क्योंकि शुरुआती 15 मिनट का खेल दोनों टीमों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होगा। जो टीम इस दौरान बढ़त बना लेगी, वह जीत की हकदार हो सकती है।
बहरहाल, विश्व कप के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने नेशनल स्टेडियम के साथ-साथ ली मेरेडियन होटल को घेरे में ले लिया है, जहां टीमों को ठहराया गया है।
दिल्ली पुलिस की सुरक्षा इकाई खिलाड़ियों को सुरक्षा मुहैया करा रही है जबकि स्थानीय पुलिस, नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड्स (एनएसजी) के कमांडो और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को ध्यानचंद स्टेडियम की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया है।
इसी स्टेडियम में 13 मार्च तक चलने वाले विश्व कप के सभी मैच खेले जाने हैं। टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के अलावा 10 टीमें शिरकत कर रही हैं। भारत में 1982 के बाद पहली बार विश्व कप का आयोजन हो रहा है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा कार्य के लिए लगभग 15,000 जवानों को तैनात किया गया है। बकौल अधिकारी, "सभी सुरक्षाकर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बता दिया गया है। सभी ने अपना काम शुरू कर दिया है।"
पिछले वर्ष मार्च में लाहौर में श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर हुए आतंकवादी हमले जैसी किसी घटना को रोकने के लिए पुलिस हर वक्त टीमों के साथ रहती है। होटल से स्टेडियम तक आने और जाने के दौरान पुलिस की टीमें खिलाड़ियों के वाहनों को अपने घेरे में लिए रहती हैं। ध्यानचंद स्टेडियम और टीमों के निवास स्थल ली मेरेडियन होटल के बीच की दूरी दो किलोमीटर है। इस होटल में टीमों और अधिकारियों के लिए 240 कमरे आरक्षित किए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।