हॉकी इंडिया (एचआई) ने बुधवार को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद खिलाड़ियों द्वारा दी गई सूची के अनुसार उन्हें वेतन एवं भत्ता देना स्वीकार कर लिया।
इसी के साथ पिछले चार दिनों से चले आ रहे घटनाक्रम का पटाक्षेप हो गया और खिलाड़ी सहर्ष शिविर में हिस्सा लने के लिए तैयार हो गए।
एचआई ने मंगलवार को हुई बातचीत के नाकाम रहने के बाद खिलाड़ियों को शिविर में लौटने का 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। एचआई ने कहा था कि शिविर में नहीं लौटने की सूरत में खिलाड़ियों को निलंबित कर जूनियर खिलाड़ियों के साथ नई टीम का गठन किया जाएगा।
इस मामले में बुधवार को उस समय नाटकीय परिवर्तन हुआ, जब गोलकीपर वी. रघुनाथ के नेतृत्व में जूनियर टीम के सभी खिलाड़ी वरिष्ठ साथियों के समर्थन में खड़े हो गए। इसके बाद एचआई को बैकफुट पर आना पड़ा।
इस बीच, वित्तीय संकट झेल रहे हॉकी खिलाड़ियों के लिए टीम के मुख्य प्रायोजक सहारा इंडिया ने एक करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की है। सहारा इंडिया का प्रयास है कि वेतन के लिए पुणे में जारी राष्ट्रीय शिविर का बहिष्कार कर रहे खिलाड़ी सारे विवाद भुलाकर विश्व कप की तैयारियों में जुट जाएं।
भारतीय खिलाड़ी पिछले तीन दिनों से राष्ट्रीय शिविर का बहिष्कार कर रहे हैं। विश्व कप का आयोजन 28 फरवरी से नई दिल्ली में होना है। सहारा इंडिया ने अपने बयान में कहा है कि उसने एक करोड़ रुपये की राशि सिर्फ और सिर्फ खिलाड़ियों के बीच वितरित करने के लिए जारी की है।
सहारा इंडिया की ओर से जारी बयान में कारपोरेट कम्युनिकेशन के प्रमुख अभिजीत सरकार ने कहा, "राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सहारा इंडिया परिवार ने खिलाड़ियों में वितरित करने के लिए तत्काल एचआई को एक करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। हम चाहते हैं कि खिलाड़ी जल्द से जल्द विश्व कप की तैयारियों में जुट जाएं और देश के लिए खेलें।"
सरकार ने कहा कि सहारा इंडिया ने दिसंबर में एचआई को करार के तहत 15 जनवरी से 14 अप्रैल की अवधि के लिए निर्धारित प्रायोजक संबंधी 77 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान दिसंबर में ही कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।