पिछले सप्ताह ग्वालियर में एक दिवसीय मैचों का पहला दोहरा शतक जमाकर विश्व कीर्तिमान स्थापित करने के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि भारत रत्न वास्तव में एक दुर्लभ सम्मान है लेकिन इसे प्राप्त करने को लेकर उन्हें कोई जल्दी नहीं है।
सचिन ने कहा, "कौन नहीं चाहता कि उसका नाम भारत रत्न प्राप्त करने वाले महान हस्तियों की सूची में दर्ज हो? यह हर किसी का सपना होता है लेकिन मेरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर रहता है।"
ग्वालियर में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध एक दिवसीय मैच में 200 रनों की पारी खेलने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार केंद्र से सचिन को भारत रत्न से नवाजने की सिफारिश करेगी।
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले 36 साल के सचिन ने भारतीय हॉकी टीम का प्रशंसक होने का दावा किया और नई दिल्ली में चल रही विश्व कप हॉकी प्रतियोगिता के लिए टीम इंडिया को शुभकामनाएं दीं।
एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम 'जॉय ऑफ गिविंग वीक' में शामिल होने आए सचिन ने कहा, "मैं उन्हें (भारतीय हॉकी टीम) उनके प्रयासों के लिए बधाई देता हूं। टीम अगर अच्छा प्रदर्शन करे तो भी हमें उसके साथ रहना चाहिए और अगर वह हमारी उम्मीदों पर खरी न उतरे तो भी हमें उसका साथ नहीं छोड़ना चाहिए।"
ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रेडमैन के साथ अपनी तुलना के बारे में उन्होंने कहा, "मैं तुलना में कभी विश्वास ही नहीं करता और केवल सर डॉन का ही नहीं सभी का सम्मान करता हूं।"
व्हर्लपूल के 14 अधिकारियों और कई एनजीओ के 7 बच्चों के साथ तेंदुलकर ने एक आधा दिवसीय क्रिकेट शिविर में भी हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा, "इस मौके का हिस्सा बनकर मैं खुशी महसूस कर रहा हूं। हममें से बहुत सारे लोग पैसा दे सकते हैं लेकिन समय देना बहुत मुश्किल होता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।