राज्य के खेल विभाग की समीक्षा के लिए सोमवार को हुई बैठक में चौहान ने कहा कि हॉकी और खिलाड़ियों की दशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार हरसंभव उपाय करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार देश के शीर्ष खिलाड़ियों को वेतन,भत्ता और प्रशिक्षण पर आने वाला खर्च देने को तैयार है। इसके लिए चौहान ने एचआई के अधिकारियों के साथ बैठक करने की बात कही।
चौहान ने कहा, "राज्य सरकार हॉकी की बेहतरी के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। हम वेतन तथा अन्य मदों से जुड़े भुगतान की मांग कर रहे खिलाड़ियों के खर्च वहन करने के लिए तैयार हैं। इस काम को मूर्त रूप देने के लिए हम एचआई से बात करेंगे।"
समीक्षा बैठक में चौहान ने खेल विभाग को भोपाल में ओबेदुल्ला स्वर्ण कप हाकी टूर्नामेंट आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि भोपाल के साथ देश में हॉकी और इसके खिलाड़ियों की सम्मानजनक स्थिति रही है।
यह स्थिति बनी रही इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने ओबेदुल्ला स्वर्ण कप हाकी टूर्नामेंट के लिए आवश्यक धनराशि प्रदान करने की घोषणा की।
चौहान के राजनीतिक विरोधी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी खिलाड़ियों की मांगों का समर्थन किया है। कांग्रेस महासचिव पद पर आसीन दिग्विजय सिंह ने कहा, "खिलाड़ियों की मांग पूरी तरह न्यायोचित है। भारतीय हॉकी की खराब होती स्थिति को बेहतर करने के लिए कदम उठाना जरूरी हो गया है।"
दिग्विजय के अलावा कई पूर्व ओलंपिक खिलाड़ियों और हॉकी अंपायरों ने एचआई द्वारा खिलाड़ियों को भुगतान नहीं करने की आलोचना की है। ओलंपिक खिलाड़ी असलम शेर खान और जलालुद्दीन रिजवी ने कहा कि जब कोई खेल संघ अपने खिलाड़ियों के हितों की रक्षा नहीं कर सकता तब उसके अस्तिस्व में बने रहने का कोई अधिकार नहीं।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अंपायर और एचआई की अंपायर समिति के सदस्य शकील कुरैशी ने कहा कि खिलाड़ियों को अपनी मांगों को उठाने के लिए सही समय का इंतजार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों की मांग जायज है लेकिन उन्होंने यह मुद्दा गलत समय पर उठाया है। खिलाड़ियों को पहले मैदान में अपना प्रदर्शन सुधारना चाहिए था और फिर इसकी मांग करनी चाहिए थी। यह नहीं भूलना चाहिए कि यही टीम बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।