
हासिल करने को धोनी के पास कुछ नहीं था बचा
श्रीनिवासन (N Srinivasan) ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिये इंटरव्यू में कहा, 'जब धोनी कहते हैं कि वह संन्यास ले रहे हैं तो यह एक युग के खत्म होने जैसा है। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 में टी20 विश्व कप जीता, 2011 में विश्व कप हासिल किया। इसके अलावा चैम्पियंस ट्राफी की सफलता भी है। वह एक उत्कृष्ट कप्तान, एक शानदार विकेटकीपर, एक आक्रामक बल्लेबाज रहे हैं। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने पूरी टीम को प्रेरित किया। धोनी के पास हासिल करने के लिए और क्या बचा था? हर खेलप्रेमी जानता है कि किसी समय वह संन्यास की घोषणा करेंगे। मुझे दुख है कि वह फिर से भारत के लिए मैदान में नहीं उतरेंगे, लेकिन इस बात की खुशी है कि वह चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के लिए खेलना जारी रखेंगे।'

मैं तो चाहता हूं कि धोनी हमेशा खेलें
गौरतलब है कि एन श्रीनिवासन ‘इंडिया सीमेंट्स' के प्रमुख हैं, जिनके पास 2008 से 2014 तक सीएसके का स्वामित्व था।
इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि चेन्नई सुपर किंग्स के लिये अभी धोनी कब तब खेलेंगे तो उन्होंने कहा, 'मैं चाहूंगा कि वह हमेशा खेलें। वह क्रिकेट के मैदान में दिखेंगे। सीएसके अब वैश्विक ब्रांड है। लोग इस बात को लेकर खुश होंगे कि वह उनके कौशल को मैदान पर देख सकेंगे।'

2011-12 में बचाई थी धोनी की कप्तानी
आपको बता दें कि धोनी के संन्यास के बाद पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन (N Srinivasan) ने दावा किया था कि साल 2011 में विश्व कप जीतने के बाद जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौर पर 4-0 से सीरीज हार गई थी तब उन्होंने ही धोनी की कप्तानी बचाने का काम किया था।
उन्होंने कहा,'इस सीरीज के बाद चयनकर्ताओं की समिति के एक सदस्य ने धोनी को हटाने का फैसला कर लिया था। जब मुझे इस बात का पता चला तो मैंने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उनकी कप्तानी को बरकरार रखा, इसके बाद धोनी ने चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती। इस तरह वो दुनिया के इकलौते कप्तान बने जिसने आईसीसी की तीनों ट्रॉफी अपने नाम की।'


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