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युवराज का छलका दर्द- मेरे घर पत्थर फेंके गए, ऐसा लगा जैसे मैं कोई अपराधी हूं

Yuvraj Singh recalls 2014 T20 World Cup defeat when fans threw Stones at his house | वनइंडिया हिंदी

नई दिल्ली। युवराज सिंह...वो महान क्रिकेटर जिसे किए गए करिश्मों को क्रिकेट प्रेमियों के लिए भूलना आसान नहीं। चाहे उनका फिर एक ही ओवर में लगातार 6 छक्के लगाना हो या फिर 2011 विश्व कप में कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद देश के लिए खिताब जीतने का जुनून। युवराज के सहयोग को हमेशा याद रखा जाएगा। लेकिन इस हीरो को एक समय ऐसे वक्त का सामना भी करना पड़ा था जब उनके छक्कों पर तालियां बजाने वाले कुछ लोग उनके घर पर ही पत्थरबाजी करने लगे थे। इसका खुलासा युवराज ने खुद इंस्टाग्राम पर लाइव होकर किया।

हारे तो युवराज ने ली जिम्मेदारी

हारे तो युवराज ने ली जिम्मेदारी

साल 2014 में हुए टी20 विश्व कप में भारत को फाइनल में श्रीलंका के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। टीम की हार की जिम्मेदारी युवराज ने ली। इसके बाद लोगों ने उनके घर के बाहर पत्थरबाजी शुरू कर दी। युवराज सिंह ने कहा कि लोग आपको कामयाबी में उतना नहीं पूछते लेकिन वो नाकामियों में विरोध करते हैं। युवराज ने कहा, '2014 टी20 वर्ल्ड कप में मैंने खराब खेला था और मैंने उसकी पूरी जिम्मेदारी ली थी। विराट कोहली और धोनी भी उस दिन जूझ रहे थे। मलिंगा की यॉर्कर एकदम सटीक थी। हर खिलाड़ी के करियर में ऐसा दिन आता है, वो मेरा खराब दिन था और दुर्भाग्यवश उस दिन टी20 वर्ल्ड कप फाइनल था।'

ऐसा लगा जैसे मैं अपराधी हूं

ऐसा लगा जैसे मैं अपराधी हूं

'सिक्सर किंग' युवराज ने आगे कहा, 'जब मैं एयरपोर्ट पहुंचा तो मीडिया ने मुझे घेर लिया वो मुझपर चिल्ला रहे थे। मेरे घर पर पत्थर भी फेंके गए। मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैं कोई अपराधी हूं। जैसे मैंने किसी को गोली मार दी है। मैंने उस दिन सोचा कि मेरा करियर अब खत्म हो चुका लेकिन मैंने वहां से वापसी की। हम टी20 वर्ल्ड कप 2007 जीते, 2011 वर्ल्ड कप जीते। इनका श्रेय हमें मिला लेकिन मुझे लगता है कि जब आप हारते हैं तो आपकी आलोचना ज्यादा होती है।'

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जब मैच से पहले नहीं आई रात को नहीं

जब मैच से पहले नहीं आई रात को नहीं

युवराज ने खुलासा किया कि 2003 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले वो काफी दबाव में थे और उन्हें एक रात पहले नींद तक नहीं आई थी। उन्होंने कहा, 'हम 2003 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान के खिलाफ मैच नहीं खेले थे। पाकिस्तान की जबर्दस्त टीम थी। शोएब अख्तर, वकार यूनुस, वसीम अकरम, अब्दुल रज्जाक जैसे गेंदबाज उनकी टीम में थे। मैं ये सोचकर एक रात पहले सो नहीं पाया। फिर मैच में मैं तब गया जब सचिन शोएब अख्तर की बाउंसर पर 98 रन बनाकर आउट हुए। सोचिए मेरे जहन में क्या चल रहा होगा। अख्तर की पहली गेंद तो मेरे बल्ले पर खुद ही लग गई। दूसरी गेंद 155 किमी./घंटा से तेज थी और उसपर मैंने चौका लगाया। फिर मैं राहुल द्रविड़ के साथ क्रीज पर जम गया। यह कड़ा मैच था।'

Story first published: Tuesday, May 19, 2020, 19:34 [IST]
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