पृथ्वी शॉ पर भड़के आकाश चोपड़ा, कहा- इन्हें विकेट गंवाने का गम नहीं होता

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और मशहूर क्रिकेट कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा आये दिन खिलाड़ियों को लेकर अपनी बेबाक राय रखते नजर आते हैं। इस बीच उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के प्रदर्शन और उसके खिलाड़ियों की समीक्षा करते हुए यूट्यूब पर एक वीडियो रिलीज की जिसमें वह टीम के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ पर काफी नाराज नजर आये। उन्होंने पृथ्वी शॉ के एटिट्यूड को लापरवाही भरा बताते हुए कहा कि इस खिलाड़ी को अपना विकेट फेंकने का गम नहीं होता।

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आकाश चोपड़ा का मानना है कि दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने इस साल काफी प्रदर्शन किया और वो इस बार खिताब जीतने के हकदार थे लेकिन उसके दो खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके जिसके चलते दबाव पैदा हुआ और दिल्ली की टीम अपना पहला खिताब जीतने से चूक गई।

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आकाश चोपड़ा ने ऋषभ पंत और पृथ्वी शॉ के बारे में बात करते हुए कहा कि दिल्ली कैपिटल्स की टीम मैनेजमेंट ने अपनी रणनीति इन दो खिलाड़ियों के इर्द गिर्द बनाई थी जिसमें शॉ को पारी की शुरुआत करते हुए तेजी से रन बनाने थे और पंत को आखिरी ओवर्स में विस्फोटक पारियां खेलकर मैच को फिनिश करना था, हालांकि यह दोनों खिलाड़ी अपना काम कर नहीं सके और टीम उपविजेता बनकर रह गई।

आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर पृथ्वी शॉ के बारे में बात करते हुए कहा,' इस सलामी बल्लेबाज ने दिल्ली के लिये टूर्नामेंट का आगाज तो अच्छा किया लेकिन एक बार जैसे ही फॉर्म गई वो वापसी नहीं कर सके। वो लीग के दूसरे चरण में लगभग एक ही तरह से विकेट गंवाते नजर आये। इससे साफ पता चलता है कि पृथ्वी शॉ को अपना विकेट फेंकने से फर्क नहीं पड़ रहा था और वो इससे कोई सीख नहीं ले रहे थे।'

गौरतलब है कि पृथ्वी शॉ ने लीग के पहले राउंड में कई शानदार पारियां खेली लेकिन दूसरे राउंड में वह टीम के लिये ज्यादा रन नहीं बना सके। इसी के चलते दिल्ली की टीम ने उनकी जगह अजिंक्य रहाणे को मौका दिया और वो भी टीम के लिये ज्यादा रन नहीं बना सके। पृथ्वी शॉ ने शुरुआती मैचों में कोलकाता के खिलाफ 66 तो आरसीबी के खिलाफ 42 रनों की बेहतरीन पारी खेली लेकिन दूसरे चरण में उनका बल्ला शांत रहा।

चोपड़ा ने आगे कहा,' शॉ अभी काफी युवा खिलाड़ी हैं और उनमें जिस तरह का टैलेंट है उसे देखते हुए हर कोई उनसे प्रदर्शन में निरंतरता की उम्मीद रखता है। ऐसा हो सकता है कि आपका कोई दिन बुरा जाये और आप अच्छे स्ट्राइक रेट से न खेल सकें लेकिन अगर आप बार-बार एक ही तरीके से अपने विकेट को फेंकते हैं और रवैये में कई बदलाव नहीं करना चाहते तो दिक्कत वहां पर आ जाती है। वो लगभग एक ही स्टाइल से बार-बार आउट होते हुए नजर आये। अगर लगातार ऐसा करना जारी रखते हैं तो कोई भी टीम आपको मुश्किलों से बाहर नहीं निकाल सकती।'

आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ ने इस सीजन 13 मैचों में 17.53 की खराब औसत के साथ सिर्फ 228 रन ही जोड़े। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 136 का था जो कि अच्छा माना जाता है लेकिन लगातार अपना विकेट फेंकने की आदत ने उनकी टीम को मुश्किल में डाले रखा।

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Story first published: Sunday, November 22, 2020, 20:39 [IST]
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