
विराट कोहली, सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी-
गांगुली खुद एक कप्तान रह चुके हैं और वे जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट को इस समय किस चीज की जरूरत ज्यादा है और वह निश्चित तौर पर भरोस और बेहतर संवाद ही है। गांगुली एक अध्यक्ष होंगे जो सबके लिए समान होंगे, इसके बावजूद इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि हर शख्स के कुछ ऐसे फेवरेट खिलाड़ी होते हैं जिनकी काबिलियत पर वह सबसे ज्यादा भरोसा करता है। गांगुली भी अपने कार्यकाल में ऐसे कुछ खिलाड़ियों के साथ पूरा न्याय करने की कोशिश करते हुए नजर आ सकते हैं। गांगुली ने आधिकारिक तौर पर इसकी शुरुआत भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली से की है। उन्होंने कोहली को इंडियन क्रिकेट का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति बताते हुए कहा है कि कोहली को उनके कार्यकाल में हर वह चीज मुहैया कराई जाएगी जिसको कोहली टीम की बेहतरी के लिए जरूरी मानते हैं।
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ऋषभ पंत-
गांगुली पंत की प्रतिभा पर तब से यकीन करते आ रहे हैं जब से पंत ने क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन की बानगी टुकड़ों में दिखाई है। गांगुली ने पंत का खेल बारीकी से तब देखा जब वे आईपीएल 2019 में दिल्ली कैपिटल्स टीम के साथ बतौर सलाहकार के तौर पर जुड़े। पंत इस समय टीम इंडिया के तीनों फार्मेट के खिलाड़ी होने के बाद भी एक अस्थिर दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने जितने मौके दिए गए हैं उनको वे भुना नहीं पाए हैं जिसके चलते उनको हाल के समय में करियर की सबसे बुरी आलोचनाओं के दौर का सामना करना पड़ रहा है। टीम इंडिया ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी टेस्ट सीरीज में पंत को कोई मौका नहीं दिया और साहा को विकेट के पीछे दस्ताने पहनने का भार सौंपा। पंत को लेकर पिछले कुछ समय से रवि शास्त्री और विक्रम राठौड़ ने भी तीखी टिप्पणी की है। ऐसे में गांगुली ये चाहेंगे कि इस युवा खिलाड़ी के मनोबल को कम करने वाला काम नहीं करना चाहिए।
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रोहित शर्मा-
गांगुली इस ओपनिंग बल्लेबाज के शुरू से फैन रहे हैं और कभी भी रोहित को मौका देने की बात से पीछे नहीं हटते हैं। भारत के वेस्टइंडीज दौर के समय भी गांगुली ने कहा है कि रोहित शर्मा को प्लेयिंग इलेवन में लेना चाहिए था। फिलहाल रोहित को टीम प्रबंधन ने टेस्ट ओपनिंग में टीम का हिस्सा बनाया गया और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जो किया वह सभी जानते हैं। रोहित ने इस सीरीज में एक दोहरे शतक और दो शतकों की बदौलत 3 टेस्टों की 4 पारियों में 529 रन बनाए जिसने उनका औसत 132.25 का रहा और स्ट्राइक रेट 77.45 का रहा। हालांकि अभी रोहित को अपने आप को विदेशी पिचों पर साबित करना बाकी है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि गांगुली के अध्यक्ष पद पर काबिज होने के बाद रोहित को बतौर टेस्ट ओपनर एक फेयर रन दिया जाएगा। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विराट कोहली और रोहित के बीच जब-तब अनबन की खबरें आती रहती हैं।

कुलदीप यादव-
पिछले साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर ऐतिहासिक सफलता पाने के बाद हेड कोच रवि शास्त्री ने कुलदीप यादव को टीम इंडिया के लिए टेस्ट मैचों का पहली पसंद का स्पिनर बताया था। उसके बाद से काफी लंबा समय निकल चुका है और कुलदीप की स्थिति में स्तरीय गिरावट देखी गई है। विश्व कप 2019 में कुछ खास नहीं कर सके कुलदीप को टीम प्रबंधन ने अब तक अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप की योजनाओं से बाहर ही रखा है। टीम वाशिंगटन सुंदर और राहुल चाहर जैसे गेंदबाजों पर ज्यादा भरोसा जता रही है जबकि टेस्ट क्रिकेट में जडेजा-अश्विन की सफल वापसी हो चुकी है। लेकिन गांगुली कुलदीप की कलाईयों की क्षमता के मुरीद शुरू से रहे हैं और उन्होंने कुलदीप यादव के टीम से बाहर होने के बाद कहा था कि टीम को कलाई के स्पिनर्स की जरूरत है इसलिए टीम में कुलदीप यादव के साथ युजवेंद्र चहल की भी वापसी होनी चाहिए।


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