मेलबर्न। ट्राई सीरीज में जिस तरह से इंडिया की बैंड बजी है उसके कारण हर भारतीय अब यही सोच रहा है कि इस हालात में भारत कैसे विश्वकप में खेलेगा। एक जीत को तरस रही टीम इंडिया आखिर कैसे आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की उछाल भरी पिचों पर टिक पायेगी।
इस पूरी सीरीज का सबसे दुखद पहलू यह है कि टीम इंडिया की ताकत उसकी बल्लेबाजी पूरी तरह से सीरीज में फ्लाप रही है। कप्तान धोनी ने भी अपनी टीम की इस गलती को स्वीकार किया है तभी तो सीरीज हारने के बाद उन्होंने कहा कि हमारी बल्लेबाजी की नाकामी ने हमें सीरीज से बाहर कर दिया है।
47 साल में पहली बार ऐसा हुआ जब भारत को नहीं मिली एक भी जीत
धोनी तो इस स्टेटमेंट के बाद चलते बने लेकिन क्या सच में ऐसी ही बल्लेबाजी के साथ हम विश्वकप को वापस जीतने का सपना देख रहे हैं।
आईये डालते हैं उन खामियों पर एक नजर जिनके कारण हम हारें ट्राई सीरीज..
1. ट्राई सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों की बैटिंग पूरी तरह फ्लॉप रही। किसी भी बल्लेबाज ने टिक कर टीम को संभालने की कोशिश नहीं की।
2.ओपनिंग से लेकर निचले क्रम तक एक हर कोई फ्लॉप ही रहा।
3.विराट कोहली जैसे बल्लेबाज का बल्ला ना चलना।
4.विराट कोहली को लेकर धोनी का असफल प्रयोग।
5. शिखर धवन जैसे ओपनर का लय में ना होना।
6. टीम की बोलिंग में भी धार नहीं।
7.धोनी के गलत फैसले।