
धोनी को अपना आदर्श मानते हैं मोक्ष
हाल ही में DUSU के स्पोर्टस प्रेजिडेंट के तौर पर चुने गये मोक्ष मुरगई दिल्ली के रहने वाले हैं और अब तक कई स्तर पर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि मोक्ष ने सब जूनियर (अंडर 14), जूनियर (अंडर 16) और सीनियर्स (अंडर 19) से लेकर सभी श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का काम किया है। इसके अलावा मोक्ष मुरगई ने रेलवे रणजी ट्रॉफी और अंडर-23 कैंप में भी हिस्सा लिया है और लखनऊ में साल 2019 में आयोजित एक टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। मोक्ष ने माईखेल के साथ बात करते हुए बताया कि उन्होंने 7साल की उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरु कर दिया था।
उन्होंने कहा,' एमएस धोनी हमेशा से मेरे लिये आदर्श रहे हैं, उनसे प्रेरित होकर ही मैंने 7 साल की उम्र में ही अपने प्रोफेशनल क्रिकेट करियर की शुरुआत कर दी थी। फिलहाल मैं अपनी कॉलेज टीम का कप्तान हूं और कई स्तर पर टीम को जीत दिलाने का काम किया है।'

अब तक लगा चुके हैं 30 शतक, 50 अर्धशतक
मोक्ष ने डीडीसीए लीग 2018-19 में भाग लेते हुए अपने हरफनमौला खेल से सभी को प्रभावित किया। इस दौरान मोक्ष ने 1200 से ज्यादा रन और 20 से ज्यादा विकेट अपने नाम करने का काम किया। दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ स्पिनर मोक्ष मुरगई के शानदार प्रदर्शन की बदौलत ही उन्हें 2019-20 में मेरठ के एसएच स्पोर्ट्स की ओर से करार का मौका मिला।
घरेलू और जोनल स्तर पर मोक्ष का प्रदर्शन काबिल ए तारीफ रहा है, वह अब तक 250 से ज्यादा विकेट हासिल करने के साथ ही 30 से ज्यादा शतक लगा चुके हैं और इस दौरान 50 से ज्यादा अर्धशतक भी उन्हीं के नाम दर्ज हैं।

चोट से कर रहे हैं वापसी
उल्लेखनीय है कि मोक्ष पीठ की चोट से उबरकर वापसी कर रहे हैं। उन्हें 2019 में पीठ में चोट लगी थी जिसके चलते वह करीब एक महीने तक बेड से उठ नहीं सके थे, हालांकि इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन के साथ मैदान पर एक बार फिर वापसी की।
अपनी फिटनेस के बारे में बात करते हुए मोक्ष ने कहा,' चोट लगने के बाद मैं काफी परेशान था लेकिन मेरे कोच और घरवालों ने मुझ पर विश्वास दिखाया और मेरी वापसी करने में मदद की। फिलहाल लॉकडाउन के दौरान मैं छत पर ही रोजाना 4-5 घंटे तक वर्क आउट करता हूं। इसमें फिटनेस सेशन, नेट सेशन, फील्डिंग सेशन और कूल डाउन सेशन शामिल है। मेरा मानना है कि अपने आप को सीमित नहीं करना चाहिये। जब आप खुद पर यह विश्वास जता लेंगे कि आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं तो आप उसे वाकई में हासिल कर लेंगे।'

हर कदम पर परिवार ने दिया साथ
मोक्ष फिलहाल भारत के लिये अंडर -23 टीम और दिल्ली की रणजी टीम का हिस्सा बनने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिये वह आशीष नेहरा क्रिकेट अकादमी से ट्रेनिंग ले रहे हैं। अपने अब तक के सफर के बारे में बात करते हुए मोक्ष ने कहा कि इसके पीछे उनके पूरे परिवार का सहयोग रहा है। उनके परिवार ने हमेशा ही उन्हें क्रिकेट में अपना करियर बनाने के लिये प्रेरित किया और पीठ की गंभीर चोट के दौरान मजबूत खंबे की तरह साथ खड़े रहे। इस दौरान परिवार ने ही मोक्ष को मैदान पर वापस उतरने के लिये प्रेरित किया और इसी विश्वास के चलते मोक्ष दिल्ली के लिये रणजी टीम का हिस्सा बनने पर ट्रंप कार्ड का काम कर सकते हैं।


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