नई दिल्ली। भारत रत्न सचिन तेंदुलकर के बारे में अक्सर पाकिस्तान वाले कहा करते थे कि काश वो सरहद पार पैदा हुआ होते तो टीम इंडिया को भुर्ता हम बनाते लेकिन ऐसा तो कभी नहीं हो सकता था। तेंदुलकर के करियर की बेस्ट पारियों में से पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई हर एक पारी है।
लेकिन पाकिस्तान टीम को दिन में तारे दिखाने वाले सचिन तेंदुलकर कभी पाक टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। ये बात तब की है जब सचिन टीम इंडिया के हिस्सा नहीं थे। मात्र 11 साल की उम्र में उन्होंने ये कारनामा किया था। दरअसल बात 1987 की है, उस समय भारत-पाकिस्तान दोनों मिलकर एक चैरिटी मैच खेल रहे थे। इस मैच में एक टीम के कैप्टन कपिल देव थे तो दूसरी टीम के कप्तान इमरान खान थे।
दोनों ही टीमों में दोनों देश के मिले-जुले खिलाड़ी थे. इंडिया बैटिंग कर रही थी और पाकिस्तान फील्डिंग लेकिन अचानक से इमरान खान की टीम लड़खड़ा गई। उनके स्टार प्लेयर जावेद मियांदाद और अब्दुल कादिर की हालत खराब हो गई और वो पवेलियन चले गये, ऐसे में उनकी टीम में फील्डिंग करने वालों की कमी हो गई।
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जिससे परेशान होकर इमारन खान ने अंपायरों से मदद मांगी तो अंपायर ने इंडियन कैप्टन से इस बाबत हेल्प्प करने को कहा, जिस पर कपिल देव साहब ने सचिन, जो कि एक्सट्रा प्लेयर के रूप में वहां मौजूद थे, उन्हें फील्ड पर भेज दिया फिल्डिंग करने। हालांकि सचिन ने मात्र दो ओवरों के लिए फील्डिंग की थी और इस दौरान उनसे कपिल देव का कैच भी ड्राप हो गया था।
सचिन ने ये बात अपनी जीवनी 'प्लेइंग इट माइ वे'..में लिखी है। आपको बता दें कि 15 नवंबर 1989 में सचिन ने अपना इंटरनेशनल मैच पाकिस्तान के ही खिलाफ खेला है और हकीकत से आप लोग वाकिफ ही है। कहते हैं पाकिस्तान टीम में सचिन का खौफ था, इसी कारण पाक खिलाड़ी भारत से जब भी मैच होता था, तो रात भर सोते ही नहीं थे क्योंकि उन्हें लगता था कि मैच में सचिन उनकी बहुत पिटाई करेंगे।