
नियमों में हुआ ये बदलाव
ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) द्वारा अपने टीम में खेलने की योग्यता वाले नियम में बदलाव किए हैं जिसका फायदा जोफ्रा आर्चर को मिल सकता है। दरअसल पहले यदि कोई खिलाड़ी इंग्लैंड में नहीं पैदा हुआ है तो उसको इंग्लैंड में 7 साल गुजारने होते थे। लेकिन अब बोर्ड ने इसको कम कर तीन साल कर दिया है। इस तरह से यदि सब ठीक रहता है तो वे अगले साल होने वाले विश्व कप और एशेज सीरीज में इंग्लैंड टीम का हिस्सा बन सकते हैं। ये इंग्लैंड की टीम के लिए एक अच्छी खबर है।
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ब्रिटिश पिता की संतान है जोफ्रा आर्चर
बता दें कि आर्चर के पिता ब्रिटिश ही हैं और यदि पुराने नियम लागू रहते तो आर्चर को साल 2022 तक इंतजार करना पड़ता। क्योंकि वे इंग्लैंड में साल 2015 में ही आए थे। आर्चर मूलत: वेस्टइंडीज के बारबाडोस से हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए अंडर-19 विश्व कप भी खेला है। आर्चर 2015 में इंग्लैंड आए थे और तब से वह इंग्लैंड की काउंटी ससेक्स से खेल रहे हैं। ईसीबी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया है उसने देश में बाहर से आए खिलाड़ियों के लिए नियमों में बदलाव किए हैं। यह बदलाव एक जनवरी से 2019 से लागू होगा।

आर्चर की है हर जगह मांग
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आर्चर ने लिखा, "यह हो सकता है और नहीं भी, लेकिन मैं अपने परिवार वालों के सामने पदार्पण कर खुश होऊंगा।" आईपीएल की फ्रेंचाइजी टीम राजस्थान रॉयल्स ने जोफ्रा को 2018 की नीलामी में 7.20 करोड़ की बोला लगाकर खरीदा था।


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