नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलीम मलिक ने अपने ऊपर पीसीबी की तरफ से लगे आजीवन बैन के खिलाफ आईसीसी जाने का फैसला किया है। मैच फिक्सिंग के आरोप में साल 2000 में आजीवन बैन झेलने वाले पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलीम मलिक ने 'न्याय' पाने के लिए अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।
सलीम मलिक का आरोप है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड उनके साथ अन्याय कर रहा है। साल 2008 में लाहौर कोर्ट की तरफ से मैच फिक्सिंग के लिए उन पर लगाए गए आजीवन बैन को हटाए जाने के बावजूद पीसीबी उन्हें क्रिकेट कोचिंग की अनुमति नहीं दे रहा है।
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मलिक ने कहा, 'मैंने पीसीबी को लिखा कि वे जो भी मुझसे पूछना चाहते हैं उसके लिये वे मुझे प्रश्नावली भेजें। मैंने इसके साथ ही उन्हें सूचित किया था कि मैं वापसी से संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक संहिता कार्यक्रम की सभी शर्तों को मानने के लिये भी तैयार हूं। लेकिन उन्होंने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है और इसलिए मैंने न्याय पाने के लिए आईसीसी के पास जाने का फैसला किया है। मुझे अदालत ने पाक साफ करार दिया है और ऐसा कोई कारण नहीं है जिससे आईसीसी या पीसीबी मुझे फिर से क्रिकेट गतिविधियों में शामिल होने से रोके।'
गौरतलब है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सलीम मलिक पर मैच फिक्सिंग के लिये साल 2000 में लाइफटाइम बैन लगा दिया था लेकिन 2008 में लाहौर की एक अदालत ने उन्हें क्लीन चिट देते हुए उन पर लगा बैन हटा दिया था।
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सलीम मलिक ने पीसीबी को धमकी देते हुए कहा कि अगर पीसीबी ने उनकी बात नहीं मानी तो वो मैच फिक्सिंग के मामलों में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की भूमिका के बारे में आईसीसी से शिकायत करेंगे।