
रखी जांच की मांग
हरभजन ने कहा कि उन्होंने अपनी अर्जी तमाम दस्तावेजों के साथ पंजाब सरकार को भेज दी थी, लेकिन फिर भी ये अर्जी रिजेक्ट हो गई और कहा गया कि देरी से एप्लीकेशन भेजे जाने की वजह से ऐसा हुआ है तो ऐसे में पंजाब सरकार इसकी जांच करवाएं कि इस अर्जी को भेजे जाने में कहां देरी हुई है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि उन्हें इस बार राजीव गांधी खेल रत्न मिलेगा लेकिन आवेदन रिजेक्ट होने से उन्हें काफी निराशा हुई है।
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ऐसे खिलाड़ी रह जाएंगे पीछे
टेस्ट क्रिकेट में भारत के तीसरे सबसे सफल गेंदबाज हरभजन ने मंत्री ने आग्रह किया कि अगले साल उनका नामांकन पुन: भेजा जाए। हरभजन ने कहा, ‘‘अगर ऐसे विलंब होते रहे तो खिलाड़ी पीछे रह जाएंगे जो सही नहीं है और उम्मीद करता हूं कि आप (खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी) इस मामले में कार्रवाई करेंगे और दोबारा भारत सरकार को मेरा नामांकन भेजेंगे।''

एक्शन में आई पंजाब सरकार
वहीं अब हरभजन के आरोपों के बाद पंजाब सरकार एक्शन में आ गई है। पंजाब सरकार ने हरभजन के इन आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। खेल रत्न पुरस्कार के लिए इस आफ स्पिनर के नामांकन को केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय ने इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उनके दस्तावेज देरी से पहुंचे। हरभजन ने पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी से इस मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया और मंत्री ने इस क्रिकेटर के दस्तावेज केंद्र को कथित रूप से देरी से भेजने के मामले की जांच का आदेश दिया।


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