हरभजन ने गांगुली को दिया खुद को तराशने का क्रेडिट, धोनी को लेकर कही ये बात

नई दिल्लीः भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने सौरव गांगुली के प्रति एक बार फिर शुक्रगुजारी जताई और कहा कि यह भारत के पूर्व कप्तान थे जिन्होंने उन्हें संभाला और उन्हें ऑफ स्पिनर बनने में मदद की। हरभजन ने 23 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पर्दा हटाते हुए शुक्रवार को संन्यास की घोषणा की थी। घोषणा के बाद बोलते हुए, हरभजन ने कहा कि गांगुली का समर्थन उनके करियर के शुरुआती चरण में उनके लिए महत्वपूर्ण था। उन्होंने एमएस धोनी को भी उनका समर्थन करने और करियर के बाद के चरण में सपोर्ट करने का क्रेडिट दिया।

गांगुली की कमान में हरभजन बने थे खिलाड़ी-

गांगुली की कमान में हरभजन बने थे खिलाड़ी-

1998 में मोहम्मद अजहरुद्दीन के नेतृत्व में पदार्पण करने वाले पंजाब के ऑफ स्पिनर 2001 और 2005 के बीच गांगुली के समय में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य आधार के रूप में विकसित हुए। हरभजन ने गांगुली के तहत 118 मैच (एकदिवसीय और टेस्ट सहित) खेले और 29 से कम के औसत से 273 विकेट लिए। 2001 में हरभजन ने अनिल कुंबले की अनुपस्थिति में कदम रखा और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 टेस्ट में 32 विकेट लिए। यह ऐसा प्रदर्शन है जो भारत की ऐतिहासिक सीरीज जीत में शायद हमेशा के लिए याद रखा जाएगा।

दूसरी ओर, हरभजन सिंह ने एमएस धोनी के नेतृत्व में 2007 टी 20 विश्व कप जीता और 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे। उन्होंने भारत के लिए धोनी के नेतृत्व में 133 मैचों में 229 विकेट लिए।

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आपको बड़े अंतर को समझने की जरूरत है- हरभजन

आपको बड़े अंतर को समझने की जरूरत है- हरभजन

हरभजन ने शुक्रवार को प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को बताया, "यह मेरे लिए एक आसान जवाब है। सौरव गांगुली ने मेरे करियर के उस मोड़ पर मुझे संभाला जब मैं 'कुछ भी नहीं' था। लेकिन जब धोनी कप्तान बने, तो मैं "कुछ" बन चुका था। इसलिए आपको बड़े अंतर को समझने की जरूरत है।"

"दादा (गांगुली) जानते थे कि मेरे पास कौशल है, लेकिन ये नहीं पता था कि मैं उसको आजमा पाऊंगा या नहीं। धोनी के मामले में, उन्हें पता था कि मैं आजमाया हुआ हूं और मैंने उनसे पहले मैच जीते हैं और कुछ उनके लिए भी जीत जाऊंगा।

हां, धोनी बहुत अच्छे कप्तान थे-

हां, धोनी बहुत अच्छे कप्तान थे-

भज्जी ने आगे कहा, "जीवन में और किसी भी पेशे में, आपको उस व्यक्ति की आवश्यकता होती है, जो आपको उचित समय पर मार्गदर्शन करे और सौरव मेरे लिए वह व्यक्ति थे। अगर सौरव मेरे लिए नहीं लड़े होते और मुझे टीम में नहीं लाते, तो कौन जानता है, आज मेरा यह साक्षात्कार नहीं हो रहा होता। सौरव वह लीडर है जिसने मुझे वह बनाया जो मैं हूं।

"लेकिन हां, धोनी निश्चित रूप से एक बहुत अच्छे कप्तान थे और उन्होंने सौरव की विरासत को आगे बढ़ाया और धोनी के साथ, हमने कुछ महान मुकाबले खेले जिन्हें मैं निश्चित रूप से संजो कर रखूंगा।"

हरभजन सिंह ने आखिरी बार 2016 में भारत के लिए खेला था। उन्होंने 711 अंतरराष्ट्रीय विकेटों के साथ अपने करियर का अंत किया और 2021 सीज़न तक इंडियन प्रीमियर लीग में खेलना जारी रखा।

BCCI और MI की आलाकमान से बात करके की घोषणा-

BCCI और MI की आलाकमान से बात करके की घोषणा-

इस बीच, हरभजन ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से संन्यास लेने का फैसला करने से पहले बीसीसीआई अध्यक्ष गांगुली और अध्यक्ष जय शाह से बात की थी।

उन्होंने कहा, "मैंने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से बात की, जिन्होंने मुझे खिलाड़ी बनाया। मैंने उन्हें अपने फैसले के बारे में बताया। मैंने बीसीसीआई सचिव जय शाह से भी बात की और उन्हें अपने फैसले के बारे में बताया। दोनों ने बहुत स्वागत किया और कामना की। मेरी यात्रा में, बीसीसीआई ने एक बड़ी भूमिका निभाई थी और मैं उनका कर्जदार हूं।

भज्जी ने बताया कि उन्होंने मुंबई इंडियंस के मालिक आकाश अंबानी से बात की क्योंकि मेरे जीवन में फ्रेंचाइजी की बड़ी भूमिका थी।

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Story first published: Saturday, December 25, 2021, 9:21 [IST]
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