
सहवाग ने किया था 17 साल पहले कमाल-
सहवाग ने 195 रन की अपनी धुआंधार पारी में 5 छक्के और 25 चौके जड़े, जबकि टिम पेन की टी्म ने केवल एक ही छक्का और 18 चौके लगाए। पूर्व-क्रिकेटर ने अपने 195 रन बनाने के लिए 233 गेंदों का सामना किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 435 गेंदों का सामना किया।
कंगारू बल्लेबाज जो बर्न्स ने कहा था कि 'हमने कुछ जख्म खोल दिए हैं', लेकिन ये कमेंट उन पर ही भारी पड़ा क्योंकि 10 गेंदों की अपनी पारी में वे जीरो पर बुमराह का शिकार बने।
IND vs AUS: बॉक्सिंग डे टेस्ट में छाई भारतीय गेंदबाजी, ऑस्ट्रेलिया 195 पर ऑल-आउट

शमी और ईशांत की गैरमौजूदगी में भी दिखी धार-
मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा जैसे धुरंधरों की गैरमौजूदगी के बीच भी भारतीय गेंदबाजों का ओवरसीज में धमाकेदार प्रदर्शन जारी रहा और रविचंद्रन अश्विन तो एक सरप्राइज साबित हुए हैं क्योंकि तेज गेंदबाजी के मुफीद मानी जानी वाली पिचों पर उन्होंने एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में भी 4 विकेट लिए थे और इस बार भी वे छाए रहे।
उन्होंने दिन का अपना पहला विकेट मैथ्यू वेड के रूप में लिया जिनको रविंद्र जडेजा ने भागते हुए कैच आउट किया। इस दौरान जिस तरह से जडेजा ने शुबमन गिल के साथ अपनी टक्कर होने के बाद भी संतुलन बनाए रखा वह बताता है कि जडेजा कितने विश्व स्तरीय फील्डर हैं।

छाए रहे बुमराह, अश्विन और सिराज-
तीसरा विकेट स्टीव स्मिथ का था जिनको अश्विन ने खाता भी नहीं खोलने दिया और लेग स्लिप में पुजारा के हाथों कैच कराया। उसके बाद लाबुशेन और हेड ने कुछ पारी को बनाया लेकिन 38 रन बना चुके वेड को बुमराह ने स्लिप में रहाणे के हाथों कैच आउट कराया।
उसके बाद दिन का हाईलाइट विकेट लाबुशेन का कहा जा सकता है क्योंकि यह डेब्यू करने वाले मोहम्मद सिराज का पहला टेस्ट था। इसके अलावा लाबुशेन ने 132 गेंदों पर 48 रनों की पारी खेलकर खतरा पैदा कर दिया था। लेकिन सिराज ने उनको अर्धशतक से 2 रन दूर ही गिल के हाथों कैच कराके भारत को 5वीं सफलता दिला दी।
चायकाल के बाद तो भारतीय गेंदबाजी तीसरे सेशन में पूरी तरह से हावी हो गई। निचले क्रम पर बुमराह ने स्टॉर्क और लियोन के विकेट जल्दी से निकालकर सुनिश्चित किया कि इस बार भारत को पुच्छले बल्लेबाजों का कहर ना झेलना पड़े। बुमराह को 56 रन देकर 4 और अश्विन को 35 रन देकर 3 विकेट मिले। जबकि सिराज ने 40 रन देकर 2 विकेट लिए।


Click it and Unblock the Notifications
